
- पं. दयानंद शास्त्री
मंगल दोष के प्रभाव स्वरूप घर में बिजली का सामान जल्दी जल्दी खराब होने लगता है, रक्त सम्बंधित बीमारियां होने लगती हैं। मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति में धैर्य की कमी होती है ।
यह आजमाएं
यह बहुत गलत और दोषपूर्ण भ्रान्ति या अवधारणा में प्रचलित है। की 28 वें वर्ष के बाद मांगलिक दोष नहीं रहता। ग्रहों का सेनापति मंगलदेव 28 वें वर्ष में अपना शुभ फल प्रदान करता है यह सत्य है किन्तु अपनी दशा अन्तर्दशा, प्रत्यंतर दशा या गोचर में कभी भी अपना अशुभ फल प्रगट कर सकता है।
अतः 28 वें वर्ष के बाद मांगलिक दोष की समाप्ति या निवृति कभी नहीं होती । व्यर्थ की बातों या अफवाओं पर ध्यान ना देवें। मंगल दोष निवारण हेतु उपाय स्वरूप लाल वस्त्र ले कर उसमें दो मुठ्ठी मसूर की दाल बांधकर मंगलवार के दिन किसी भिखारी को दान करनी चाहिए और साथ ही समयानुसार उज्जैन आकर अंगारेश्वर महादेव पर गुलाल पूजन और भात पूजन करवानी चाहिए।
पढ़ें: बजरंगबली के लाइफ मैनेजमेंट सूत्र
मंगल दोष होने पर ये न करें
क्या आप मंगल दोष से प्रभावित है?
यदि सोते समय आपकी आंखे थोड़ी थोड़ी खुली रहती है या आपका मुंह सोते वक्त खुला रहता है। सामने की तरफ सीधा देखने पर भी आंख का हीरा या कोर्निया थोड़ा उपर की तरफ हो या आंख के हिरे या कोर्निया की नीचे की सफेदी दिखती हो तो इसका मतलब आप मंगलीक है। ऐसे लोगो का मंगल कुंडली में 2, 4, 7, और 8 या 12वें घर में होता है। जिनका मंगल पीड़ित है उन्हें मंगलवार के दिन व्रत करना चाहिए और ब्राह्मण अथवा किसी गरीब व्यक्ति को भर पेट भोजन कराना चाहिए।
मंगल दोष या मंगल पीड़ित जातक को उज्जैन आकर अंगारेश्वर महादेव पर भात पूजन, गुलाल और गुलाब पूजन से विशेष अभिषेक पूजन करवाना चाहिए,तत्काल चमत्कारिक परिणाम मिलते हैं।
पढ़ें:भगवान शिव की शरण में जाएं 'विष योग' से छुटकारा पाएं
इसके साथ ही मंगल पीड़ित व्यक्ति के लिए प्रतिदिन 10 से 15 मिनट ध्यान करना उत्तम रहता है। मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति जब भी अपना घर बनवाये तो उसे घर में लाल पत्थर अवश्य लगवाना चाहिए।