परिवार के सदस्यों के बीच कलह होने के पीछे बहुत से कारण हो सकते है जैसे किसी नकारात्मक शक्ति का प्रभाव होना, घर में पित्र दोष होना घर में वास्तु दोष होने, भूमि दोष होना, परिवार के किसी एक या एक से अधिक सदस्यों पर शनि या राहू दशा का प्रभाव होना या फिर नशे की लत का होना। ये सभी कारण परिवार कलह की वजह बनते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे ज्योतिषीय उपाय बताने वाले है जिन्हें प्रयोग में लाने से परिवार में कलह दूर होगी।

पारिवारिक कलह दूर करने के उपाय

1-घर से कलह दूर रखने के लिए सप्ताह में एक बार पानी में घोलकर पौछा लगाएं। इससे घर में शान्ति का वातावरण बनता है।

2- झाड़ू की दो सींखों को आपस में उल्टा करके नीले धागे से बांध दें। अब इन दोनों सीखों को घर के दक्षिण-पश्चिम स्थान पर रखे। दाम्पत्य जीवन में कलह को दूर करने का यह एक आसान उपाय है।

3- परिवार के सदस्यों के बीच मनमुटावों को दूर करने के लिए पूर्णिमा के दिन पूरे घर में गंगा जल छिड़कना चाहिए।

4- घर में रसोई को अग्नि कोण में बनवाने का प्रत्यन करें। यदि ऐसा संभव न हो पाए तो घर के अग्नि कोण में एक बल्ब हमेशा जलाये रखे व इस स्थान को साफ़ सुथरा रखे।

5- घर में ईशान कोण में पूजा स्थल की स्थापना करें। ऐसा करने से भी घर में शांति बनती है।

6- घर में पोचा देते समय गोमूत्र का प्रयोग करें व समय-समय पर घर में गंगाजल और गोमूत्र मिलाकर इसका छिड़काव सभी स्थानों पर करते रहे। शौचालय और स्नानगृह को छोड़ देना चाहिए।

7- घर में हर मंगलवार और शनिवार को लोभन और गुग्गल की धूनी देते रहे।

8- घर में जूते चप्पल रखने का एक निश्चित स्थान बनाये व कभी भी जूते-चप्पलों को उल्टा न रहने दें। इससे मानसिक तनाव पैदा होता है।

9- यदि किसी सदस्य को शराब या किसी अन्य नशे की आदत है तो उसे प्यार से समझाए। घर से नशा दूर होने से भी आपसी प्रेम बढ़ने लगता है।

10- दाम्पत्य जीवन को सुखनुमा बनाने के लिए पांच गोमती चक्र को लाल सिन्दूर की डिब्बी में डालकर घर में रखे। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच आपसी कलह दूर होता है।

11- अगर परिवार के पुरुषों में मनमुटाव है तो इसे दूर करने के लिए कदम्ब के पेड़ की छोटी सी टहनी घर में रखें। इससे घर में सुख-शांति आती है।

12- सोते समय अपने पलंग के नीचे एक लौटा जल भरकर रख दें। अगले दिन स्नान आदि व पाठ पूजा के बाद इस जल को पीपल के पेड़ में डाल दें। रविवार के दिन को छोड़कर बाकी सभी दिन इस कार्य को करना चाहिए। इस कार्य को केवल परिवार के मुखिया के द्वारा ही किया जाना चाहिए। इससे परिवार में होने वाले अनायास झगडे और कलह दूर होने लगते है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'

Posted By: Navodit Saktawat

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