Kaal Sarp Dosh Upay। आधुनिक ज्योतिष में काल सर्प दोष के बारे में विस्तार से बताया गया है और कालसर्प दोष के कारण जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हालांकि वैदिक ज्योतिष में काल सर्प दोष के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिलती है। आधुनिक ज्योतिष के मुताबिक राहु और केतु के बीच जब सारे ग्रह हों तो कालसर्प दोष होता है।

12 तरह के होते हैं कालसर्प दोष

ज्योतिष के मुताबिक कुंडली के बारह भावों में राहु-केतु की स्थिति के अनुसार कालसर्प दोष 12 प्रकार के होते हैं, जिनके नाम इस प्रकार है - अनंत, कुलिक, वासुकि, शंखपाल, पद्म, महापद्म, तक्षक, कर्कोटक, शंखनाद, घातक, विषाक्त, शेषनाग, कालसर्प

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए करें ये उपाय

कालसर्प दोष से मुक्ति के लिए दूध में थोड़ी मिश्री मिलाकर शिवलिंग पर अभिषेक करना और रोज शिव तांडव स्त्रोत का पाठ करना चाहिए। इसके अलावा बहते जल में चांदी के नाग-नागिन का जोड़ा प्रवाहित करने से भी कालसर्प दोष दूर होता है। चांदी से बनी सर्प के आकार की अंगूठी मध्यमा अंगुली में शनिवार को धारण करने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा शनिवार एवं मंगलवार को राहु एवं केतु के बीज मंत्र का जाप एक माला करके पक्षियों को जौ के दाने खिलाएं। काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए त्र्यंबकेश्वर या महाकालेश्वर जाकर शांति पूजा की जाती है।

ओपल या हीरा रत्न धारण करें

काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए रत्न शास्त्र में भी उपाय बताए गए हैं। कालसर्प योग से मुक्ति के लिए हीरा धारण करना शुभ माना जाता है। हीरा धारण करने से काल सर्प दोष के प्रभावों में कमी आती है। हालांकि हीरा महंगा होने के कारण कई लोग इसे धारण नहीं कर पाते हैं, ऐसे में इसके स्थान पर ओपल रत्न भी धारण कर सकते हैं।

डिसक्लेमर

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Posted By: Sandeep Chourey

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