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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ketu Grah Upay: जानें कितने दिन रहती है केतु की महादशा, दुष्प्रभाव से बचना है तो ये करें उपाय

Ketu Grah Upay पंचांग व ज्योतिष में मान्यता है कि केतु की महादशा 7 साल की होती है। इस अवधि में किसी जातक को इसके शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं तो कुछ ...और पढ़ें

By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Wed, 14 Dec 2022 12:52:45 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Dec 2022 12:52:45 PM (IST)
Ketu Grah Upay: जानें कितने दिन रहती है केतु की महादशा, दुष्प्रभाव से बचना है तो ये करें उपाय

Ketu Grah Upay । भारतीय ज्योतिष में मान्यता है कि हर जातक के जीवन में 9 ग्रहों का असर होता है और इसका असर ग्रहों की स्थिति के अनुसार शुभ या अशुभ हो सकता है। जिस प्रकार शनि और राहु की महादशा होती है, ठीक उसी प्रकार केतु ग्रह की भी महादशा का असर जातक के जीवन पर होता है। केतु को छाया ग्रह माना जाता है ऐसे में सभी 12 राशियों के जीवन पर इसका असर जरूर होता है। राहु और केतु को पापी ग्रह माना गया है और कई बार ग्रहों की स्थिति ठीक होने पर इसके शुभ फल भी मिलते हैं। जानिए केतु की महादशा शुरु होने पर क्या लक्षण दिखाई देते हैं और जीवन में अशांति आने पर क्या उपाय करना होते हैं -

7 साल तक चलती है केतु की महादशा

पंचांग व ज्योतिष में मान्यता है कि केतु की महादशा 7 साल की होती है। इस अवधि में किसी जातक को इसके शुभ परिणाम देखने को मिलते हैं तो कुछ को अशुभ परिणाम भी देखने को मिलते हैं। अंतरदशा 11 महीने से सवा साल तक की होती है। केतु की महादशा बुध और शुक्र के बीच आती है। केतु की महादशा बुध और शुक्र के बीच आती है। ज्योतिष के अनुसार बुध की महादशा आती है फिर केतु की महादशा सात साल की होती है और बाद में शुक्र की महादशा 20 साल की होती है।


केतु की महादशा के दिखते हैं ये लक्षण

यदि किसी जातक की कुंडली में केतु की स्थिति खराब है तो जीवन में किसी न किसी तरह इसका असर दिखने लगता है। जानिए कुंडली में केतु ग्रह की स्थिति खराब होने के लक्षण पर तरह के लक्षण दिखाई देते हैं -

- केतु ग्रह की स्थिति खराब होने पर स्किन संबंधी रोग होना

- जोड़ों में दर्द की समस्या

- सुनने की क्षमता पर बुरा असर पड़ना

- संतान प्राप्ति में किसी न किसी तरह की रुकावट आना

- अधिकतर खांसी की समस्या रहना

- संतान को किसी न किसी समस्या का सामना करना

- तेजी से बाल झड़ना

- शरीर की नसों में कमजोरी आ जाती है

- केतु के दुष्प्रभावों को कम करने के उपाय

केतु की महादशा के लिए करें ये उपाय

- जातक की कुंडली में यदि केतु की स्थिति मजबूत करना चाहते हैं, तो रोजाना 108 बार 'ऊँ स्त्रां स्त्रीं स्त्रौं स: केतवे नम:' मंत्र का जाप करें।

- शनिवार को पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं। इसमें थोड़ी सी दूर्वा भी डाल लें।

- रोज शाम को घी का दीपक जलाएं।

- केतु के प्रकोप से बचने के लिए रविवार के दिन कन्याओं को हलवा और मीठा दही खिलाएं।

- लहसुनिया रत्न धारण करना शुभ होगा।

- पके चावल में थोड़ा सा दही, काले तिल डालकर अच्छे से मिला लें। एक दोने में भरकर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें।

- केतु के अशुभ प्रभावों से बचने के लिए कुत्ते को तेल लगाकर रोटी खिलाएं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'