
धर्म डेस्क, इंदौर। Lord Vishnu Puja: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित होता है। इस दिन उनके निमित्त व्रत रखा जाता है और पूजा की जाती है। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को प्रिय भी है। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए यह दिन उत्तम है। मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करते समय विष्णु स्तुति का पाठ जरूर करें। ऐसा करने से परिवार में खुशियां आती हैं और तरक्की मिलती है। साथ ही इससे भगवान विष्णु प्रसन्न होकर व्यक्ति की सभी परेशानियां दूर कर देते हैं। विष्णु स्तुति का पाठ इस प्रकार है।
गुरुवार के दिन स्नान के बाद भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करें। इसके बाद उनको पीले फूल, अक्षत, सफेद चंदन, पीले वस्त्र, हल्दी, केला, तुलसी का पत्ता, पंचामृत आदि चीजें अर्पित करें।
शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं
विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम्।
लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं
वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम्।।
यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:।
सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:।
ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो
यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:।।
1. ॐ सर्वज्ञा सर्व देवता सवरूप अवतारा,
सत्य धर्म शांति प्रेमा स्वरूप अवतारा,
सत्यम शिवम् सुन्दरम स्वरुप अवतारा,
अनंत अनुपम ब्रह्म स्वरूप अवतारा,
ॐ परमानंद श्री शिरडी नाथाय नमः
2. दन्ताभये चक्र दरो दधानं,
कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।
धृताब्जया लिंगितमब्धिपुत्रया
लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।
3. ॐ बृहस्पते अति यदर्यो अर्हाद् द्युमद्विभाति क्रतुमज्जनेषु ।
यद्दीदयच्दवस ऋतप्रजात तदस्मासु द्रविणं धेहि चित्रम्।।
4. ॐ देवानां च ऋषीणां च गुरु कांचन संन्निभम्।
बुद्धिभूतं त्रिलोकेशं तं नमामि बृहस्पतिम्।।
5. ॐ ऐं श्रीं बृहस्पतये नम:॥
ॐ गुं गुरवे नम:॥
ॐ क्लीं बृहस्पतये नम:॥
ॐ ह्रीं क्लीं हूं बृहस्पतये नमः
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