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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 07, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ग्रहों की स्थिति नहीं है ठीक, हो सकती है मानसून में देरी

जबकि यह 11 जून को मार्गी हो जाएगा। इन दोनों दिनों में मानसून पूर्व बारिश के योग बन रहे हैं।

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Publish Date: Sun, 07 Jun 2015 04:01:31 AM (IST)Updated Date: Tue, 09 Jun 2015 04:04:25 PM (IST)
ग्रहों की स्थिति नहीं है ठीक, हो सकती है मानसून में देरी

आने वाले 9 जून को बुध पूर्व में उदय होगा। जबकि यह 11 जून को मार्गी हो जाएगा। इन दोनों दिनों में मानसून पूर्व बारिश के योग बन रहे हैं। इसके बाद भगवान सूर्य देव 22 जून सोमवार को शाम 4: 42 बजे वर्षा के प्रथम नक्षत्र आर्द्रा में प्रवेश करेंगे।

इसी के साथ बारिश उत्तर-भारत और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश शुरू हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार आर्द्रा प्रवेश के मुहूर्त को देखते हुए उत्पाती वर्षा के योग बन रहे हैं। ग्रहों की स्थिति के कारण वर्षा अपना रास्ता भटकेगी, जिससे मानसून में देरी होगी।हालांकि केरल में मानसून ने दस्तक दे दी है।


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ज्योतिष मठ संस्थान भोपाल के संचालक पं. विनोद गौतम के अनुसार अभी वर्षा का गर्भकाल चल रहा है। आर्द्रा प्रवेश षष्ठी तिथि, वृश्चिक लग्न में हो रहा है। आर्द्रा लगते ही वर्षा का जन्म हो जाता है और छह नक्षत्रों में वर्षा होती है।

यह समय वृश्चिक लग्न का है, जो जल तत्व की है। इस दौरान गुरु और शुक्र कर्क राशि में, जबकि मंगल और सूर्य मिथुन राशि में रहेंगे। गुरु-शुक्र महोत्पात का संयोग बनाएंगे।

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इस संवत्सर में वायु तत्व की अधिकता और जल तत्व की कमी है ऐसे में हवा चलेगी, लेकिन पानी कम गिरेगा। फिर भी वर्षा के छह नक्षत्रों के 90 दिनों में 55 दिन बारिश होगी, जो कि सामान्य है।

6 जुलाई से अच्छी बारिश की संभावना

पहले नक्षत्र आर्द्रा का वाहन मूषक रहेगा, यह अग्निनाड़ी युक्त है जो कि अल्प वृष्टि कराएगा। हालांकि 6 जुलाई से वर्षा का दूसरा नक्षत्र पुनर्वास शुरू होगा, इसका वाहन गज रहेगा जो अच्छी बारिश कराएगा। इसी दिन से वर्षा ऋतु का प्रवेश होगा।