• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • धर्म
  • विधि / उपाय

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Sawan 2024: सावन माह में जरूर लगाएं शिव प्रिय शमी का पौधा, घर में होगा सुख-समृद्धि का प्रवेश

सावन के महीने में कुछ पेड़-पौधे लगाने से आपके घर में सुख-समृद्धि आती है। वास्‍तु की दृष्टि से से भी सावन के महीने में कुछ पौधे लगाना शुभ माना जाता है।...और पढ़ें

By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Tue, 23 Jul 2024 01:57:37 PM (IST)Updated Date: Tue, 23 Jul 2024 01:57:37 PM (IST)
Sawan 2024: सावन माह में जरूर लगाएं शिव प्रिय शमी का पौधा, घर में होगा सुख-समृद्धि का प्रवेश
शमी का पौधा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होता है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जो भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं।
  2. सावन में इन पौधों को लगाने से शिवजी की कृपा बरसती है।
  3. बेलपत्र का पौधा सावन के महीने में जरूर अपने घर लगाएं।

धर्म डेस्क, इंदौर। Sawan 2024: भगवान प्रिय महीना 22 जुलाई से शुरू हो चुका है। यह 19 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान पांच सोमवार पड़ रहे हैं। सावन के महीने में शिवालयों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। हर कोई अपने प्रकार से भगवान शिव को प्रसन्न करने की कोशिश करता है।

कुछ पौधे ऐसे होते हैं, जो भगवान शिव को बहुत प्रिय हैं। यदि सावन में इन पौधों को लगा लिया जाए, तो भगवान की विशेष कृपा बरसती है। यह पौधे बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। आइए, जानते हैं कि वह पौधे कौन-से हैं, जिन्हें सावन के महीने में लगाना शुभ माना जाता है।


शमी का पौधा

हम सभी जानते हैं कि शमी का पौधा भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। धार्मिक कार्यों में भी यह पौधा सबसे खास माना जाता है। इसके अलावा सेहत के लिए भी यह बहुत उपयोगी है। इस पौधे के उपयोग से कीटनाशक औषधि बनती है। शमी की पत्तियों में एंटीमाइक्रोबॉयल गुण पाए जाते हैं। साथ ही शमी की पत्ति भगवान शिव को अर्पित करने से भी वे प्रसन्न होते हैं।

naidunia_image

पीपल का पौधा

पीपल के पेड़ की पूजा भारतीय संस्कृति में कई सालों से होती आ रही है। यह पेड़ अत्यंत पवित्र माना जाता है। ऑक्सीजन का सबसे अच्छा स्रोत पीपल को माना जाता है। आयुर्वेद में भी पीपल के पत्तों को बहुत गुणकारी बताया गया है। ऐसे में आप सावन के महीने में पीपल का पौधा किसी भी जगह रोपित करते हैं, तो आपको बहुत फायदा मिलेगा।

naidunia_image

चंपा का पौधा

चंपा का पौधा भी औषधीय गुणों से भरपूर होता है। यदि सावन के महीने में इसे आप रोपित करते हैं, तो भगवान शिव प्रसन्न होकर अपनी कृपा आप पर बरसाते हैं। इसकी खुशबू बहुत ही अच्छी होती है। यह फूल सफेद और पीले रंग से मिला हुआ होता है। इन फूलों से निकलने वाली खुशबू तनाव को दूर करने में मददगार होती है।

naidunia_image

केले का पौधा

केले का पौधा सावन में जरूर लगाना चाहिए, क्योंकि इससे भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं। केले का पौधा भगवान विष्णु को भी अत्यंत प्रिय माना जाता है। ऐसे में भगवान शिव के साथ-साथ भगवान विष्णु की भी कृपा प्राप्त होती है। कहा जाता है कि केले की जड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। ऐसे में सावन के महीने में इसे जरूर लगाएं।

naidunia_image

बेलपत्र का पौधा

बेलपत्र भगवान शिव को बहुत प्रिय होता है। सावन के महीने में इसे मुख्य रूप से अर्पित किया जाता है। ऐसे में यदि आप सावन के महीने में बेलपत्र का पौधा लगाते हैं, तो आपको दोगुना लाभ मिलता है। इस पौधे की पत्तियां, फल औषधीय गुणों से भरपूर माने जाते हैं। पुराणों में भी इस पौधे के बारे में वर्णन किया गया है।

naidunia_image

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'