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धर्म डेस्क, इंदौर। हिंदू पंचांग के अनुसार, शनिदेव फिलहाल कुंभ राशि में विराजमान हैं और 29 जून 2024 को रात 11.49 बजे कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे। इस राशि में शनि देव 15 नवंबर 2024 तक वक्री अवस्था में ही रहेंगे। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, जब जब भी कोई ग्रह आगे चलने के स्थान पर उल्टा दिशा में चलता हुआ प्रतीत होता है तो इसे ग्रह की वक्री अवस्था कहा जाता है। शनि देव की वक्री अवस्था इन राशि वालों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है।
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शनि देव मेष राशि के 11वें भाव में वक्री होंगे। ऐसे में मेष राशि के जातकों के लिए शनि की वक्री दशा नुकसानदायक हो सकती है। धन की कमी हो सकती है। आर्थिक निवेश में सावधानी बरतें। अच्छी तरह सोच-विचार ही कोई फैसला लें। लव लाइफ में भी परेशानी आ सकती है।
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शनि की चाल बदलते ही वृषभ राशि वालों को सावधान हो जाना चाहिए। कार्यस्थल पर परेशानी बढ़ सकती है। अधिक मेहनत के बावजूद तारीफ नहीं मिलेगी। प्रमोशन में दिक्कतें आ सकती हैं। व्यापार में हानि हो सकती है। इस दौरान गुस्से पर काबू रखें और फिजूल के विवाद से बचें।
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शनिदेव कन्या राशि के छठे भाव में वक्री होंगे। इस कारण कन्या राशि वाले जातकों को व्यापार में हानि हो सकती है। करियर के लिए समय बहुत अच्छा नहीं है। सहकर्मियों से बहस हो सकती है। कड़ी मेहनत करने पर भी इच्छा के अनुरूप परिणाम नहीं मिलेगा।
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