
Shivling in Home: शिवलिंग को भगवान शिव का निराकार स्वरूप माना जाता है। शिवलिंग को साक्षात शिव कहा जाता है। शिवजी की आराधना में शिवलिंग पूजा अहम मानी जाती है। शास्त्रों के अनुसार, शिवलिंग घर में अलग और मंदिर में अलग तरह से स्थापित करना चाहिए। आइये जानते हैं शिवलिंग को घर में स्थापित करने के नियम।
क्या है शिवलिंग की स्थापना के पहले के नियम
1- घर के मंदिर में शिवलिंग की यदि आप स्थापना करने जा रहे हैं तो याद रखें कि शिवलिंग की लंबाई या ऊंचाई अंगूठे के ऊपरी पोर से बड़ी नहीं होनी चाहिए। ये ज्यादा से ज्यादा 6 इंच का होना चाहिए। जबकि मंदिर में कितना भी बड़ा शिवलिंग स्थापित कर सकते हैं।
2- यदि आपने घर में इससे बड़ा शिवलिंग रखा है तो आपके लिए ये फलीभूत नहीं होगा।
3- बड़ा शिवलिंग रखने का मतलब है कि शिवजी को आप अपने घर में तांडव करते हुए देखना चाहते हैं।
4- जब भी आप अपने घर में शिवलिंग की स्थापना करें, वह अकेले नहीं होने चाहिए। उनके साथ उनका पूरा परिवार होना चाहिए।
5- शिवलिंग के साथ में माता गौरी और गणेश जी की भी प्रतिमाया फोटो होनी चाहिए। अकेले शिवलिंग की पूजा आपको वैराग्य की ओर ले जा सकती है।
6- शिवलिंग की स्थापना कभी भी ऐसे स्थान पर नहीं करें जहां कमरा बंद हो। शिवलिंग खुली जगह पर स्थापित होना चाहिए। शिवलिंग किसी कमरे के अंदर स्थापित नहीं करना चाहिए।
7- अगर आप शिव जी को अपने घर में या घर के किसी मंदिर में स्थापित कर रहें है तो साफ सफाई को विशेष ध्यान रहें क्योंकि शिव जी को साफ सफाई बहुत पसंद है।
8- शिवलिंग पर कभी तुलसी अपर्ण नहीं करनी चाहिए। तुलसी जी के साथ भगवान शालिग्राम की स्थापना होती है।
9. शिवलिंग की वेदी का मुख उत्तर दिशा की तरफ ही होना चाहिए।
डिसक्लेमर
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