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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 31, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Basant Panchami 2025: 2 या 3 फरवरी कब मनाई जाएगी वसंत पंचमी? शुभ योग में करें सरस्वती मां की पूजा

वसंत पंचमी 2 फरवरी को मनाई जाएगी। यह पर्व वसंत ऋतु के आगमन के साथ मनाया जाता है और मां सरस्वती की पूजा का दिन है। इस दिन पीले रंग का महत्व है, जो मानस...और पढ़ें

By Jogendra SenEdited By: Anurag Mishra
Publish Date: Fri, 31 Jan 2025 02:37:09 PM (IST)Updated Date: Sat, 01 Feb 2025 12:44:57 AM (IST)
Basant Panchami 2025: 2 या 3 फरवरी कब मनाई जाएगी वसंत पंचमी? शुभ योग में करें सरस्वती मां की पूजा
वसंत पंचमी पर शुभ मुहूर्त में पूजा करें। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. वसंत ऋतु के आगमन के साथ खुशियां आती हैं।
  2. मां सरस्वती की पूजा और ज्ञान का महत्व है।
  3. पीले रंग का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्व है।

धर्म डेस्क, इंदौर। न ठंड का एहसास न गर्मी की चुभन... यही सुहावना एहसास वसंत को ऋतु का राजा बनाता है।जीवन को उल्लास के पीले रंग में रंगने का वसंत पंचमी का पर्व दो फरवरी सोमवार को मनाया जाएगा। वसंतोत्सव मनाने के लिए पीले रंग से श्रृंगार कर लिया है।

खेतों में सरसों की फसल लहलहाने लगी है। माघ माह की शुक्ल पक्ष की पंचमी को ही वीणा वादिनी ज्ञान की देवी मां सरस्वती का प्रकाट्य जीवन में ज्ञान को फैलाने के लिए हुआ था, इसलिए वसंत पंचमी का पर्व मौसम के उल्लास के साथ मां सरस्वती को समर्पित होता है।


पड़ोसी देशों में भी मनाया जाता है वसंत पंचमी

  • वसंत पंचमी का पर्व विश्वभर में बसने वाले सनातानियों के साथ नेपाल, इंडोनेशिया और पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में पतंग उत्सव के रूप में मनाया जाता है।
  • ज्योतिचार्य सुनील चौपड़ा ने बताया कि वसंत पंचमी पर शिव और सिद्ध योग का सयोग रहेगा। मां सरस्वती की आराधना के साथ घरों में वसंती भात का ठाकुरजी को भोग लगेगा। पीले वस्त्रों व पुष्पों से आलोकिक श्रृंगार होगा।

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ऋतुओं का राजा वसंत

ऋतुओं में से वसंत ऋतु को सभी ऋतुओं का राजा माना जाता है। ऐसे में जिस दिन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है, उस दिन को वसंत पंचमी के पर्व के रूप में मनाया जाता है। वसंत ऋतु में न तो ज्यादा ठंड और न ही ज्यादा गर्मी होती है। मौसम सुहावना रहता है।

वसंत पंचमी बनेंगे शुभ योग

पंचांग के मुताबिक दो फरवरी को उत्तराभाद्रपद नक्षत्र का निर्माण होगा, जिस पर शिव और सिद्ध योग का संयोग रहेगा। इस तिथि पर सूर्य मकर राशि में रहेंगे। इस दौरान अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनिट से 12 बजकर 56 मिनिट तक रहेगा। अमृतकाल रात आठ बजकर 24 मिनिट से 9 बजकर 53 मिनट तक है।

वसंत पंचमी शुभ मुहूर्त

  • पंचांग के अनुसार इस साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 2 फरवरी को सुबह 9 बजकर 14 मिनिट से शुरू होगी। इस तिथि का समापन 3 फरवरी को सुबह 6 बजकर 52 मिनिट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, दो फरवरी को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा।
  • वसंत पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 9 मिनट से शुरू होगा, जो दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। ऐसे में आप इस अवधि के समय देवी सरस्वती की पूजा कर सकते हैं।

बसंत पंचमी का वैज्ञानिक महत्व

  • इस शुभ दिन पर मां सरस्वती को पीले रंग के पुष्प अर्पित किए जाते हैं। पीले रंग के कपड़े पहने जाते हैं। पीला रंग गुरु बृहस्पति देव से संबंधित होता है।
  • वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी इस रंग को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस रंग को डिप्रेशन दूर करने में सबसे कारगर माना जाता है। यह दिमाग को सक्रिय रखने में मददगार साबित होता है। इस रंग से आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।

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