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शनि के प्रकोप से हैं परेशान? साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए ऐसे करें शनिवार व्रत, खुल जाएंगे किस्मत के बंद दरवाजे

Shani ke upay in hindi: मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष, साढ़े साती या ढैय्या का प्रभाव होता है, उन्हें जीवन में कई तरह की बाधाओं और असफ...और पढ़ें

By Himadri Singh HadaEdited By: Himadri Singh Hada
Publish Date: Sat, 06 Dec 2025 08:57:47 AM (IST)Updated Date: Sat, 06 Dec 2025 08:57:47 AM (IST)
शनि के प्रकोप से हैं परेशान? साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए ऐसे करें शनिवार व्रत, खुल जाएंगे किस्मत के बंद दरवाजे
साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए 7 शनिवार के व्रत करें।

HighLights

  1. हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित होता है।
  2. साढ़ेसाती से मुक्ति पाने के लिए 7 शनिवार के व्रत करें।
  3. शनिवार के व्रत करने से खुल जाएंगे किस्मत के बंद दरवाजे।

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन शनिदेव को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष, साढ़े साती या ढैय्या का प्रभाव होता है, उन्हें जीवन में कई तरह की बाधाओं और असफलताओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शनिवार को व्रत रखना और शनिदेव की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है।

शनिवार व्रत क्यों रखें?

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, नियमित रूप से 7 शनिवार तक व्रत करने से शनि दोष से राहत मिलती है। कहा जाता है कि इससे जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और सफलता के नए अवसर खुलते हैं।

व्रत की शुरुआत कब करें?

शनिवार व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले शनिवार से शुरू करना चाहिए। लगातार 7 शनिवार तक व्रत करने से शनिदेव विशेष रूप से प्रसन्न होते हैं।

शनिदेव की पूजा कैसे करें?

  • ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • पूजा स्थान को स्वच्छ करें और शनिदेव की प्रतिमा को जल से स्नान कराएं।
  • शनिदेव को गुड़, काले कपड़े, काला तिल, उड़द दाल और सरसों का तेल चढ़ाएं।
  • सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
  • शनि चालीसा और शनि कथा का पाठ करें।
  • शनिदेव को पूरी और काली उड़द की दाल की खिचड़ी का भोग लगाएं।
  • अंत में आरती करें।

पूजा के दौरान शनिदेव से आंखें मिलाने की मनाही होती है। माना जाता है कि ऐसा करने से उनका प्रकोप बढ़ सकता है।

पीपल के पेड़ की पूजा से भी मिलता है लाभ

यदि आपके आसपास शनिदेव का मंदिर न हो तो पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना भी शुभ माना जाता है।

जो लोग व्रत नहीं रख पाते, वे हर शनिवार छाया दान या सरसों के तेल का दान कर सकते हैं। इससे भी नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।

नोट - यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और लोक आस्थाओं पर आधारित है। नईदुनिया इसकी पुष्टि नहीं करता। किसी ज्योतिष विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।