• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • धर्म
  • व्रत-त्योहार

भाद्रपद पूर्णिमा के साथ होगी पितृ पक्ष की शुरुआत, इस दौरान न करें कोई मांगलिक कार्य…पड़ सकता है भारी

26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसके साथ ही 16 दिवसीय महालय पितृ पक्ष की शुरुआत हो रही है; यह दिन भगवान विष्णु व मात...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Fri, 25 Sep 2026 12:58:12 PM (IST)Updated Date: Fri, 25 Sep 2026 12:58:12 PM (IST)
भाद्रपद पूर्णिमा के साथ होगी पितृ पक्ष की शुरुआत, इस दौरान न करें कोई मांगलिक कार्य…पड़ सकता है भारी
26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू हो रहा है पितृ पक्ष। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. भाद्रपद पूर्णिमा से पितृ पक्ष का आरंभ होने वाला है
  2. 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा मनाई जाएगी
  3. पूर्णिमा पर स्नान-दान और लक्ष्मी-नारायण पूजा करना चाहिए

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। 26 सितंबर 2026 को भाद्रपद पूर्णिमा मनाई जाएगी। सनातन परंपरा में इस दिन का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ध्यान, और दान-पुण्य करने से भगवान श्री हरि विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

खास बात यह है कि इसी दिन से 16 दिवसीय पितृ पक्ष (महालय श्राद्ध) की भी शुरुआत हो रही है। इस दौरान पूर्वजों के निमित्त तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध कर्म किए जाते हैं।

भाद्रपद पूर्णिमा के दिन क्या करें?

स्नान और ध्यान: प्रातःकाल उठकर घर व पूजा स्थल की सफाई करें। गंगा या किसी भी पवित्र नदी में स्नान करें। यदि संभव न हो तो घर में ही नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।

विष्णु-लक्ष्मी पूजन: विधि-विधान से भगवान विष्णु और धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करें।

दान-पुण्य: अपनी सामर्थ्य के अनुसार गरीब, असहाय और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।

सात्विक जीवन: घर में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखें और सात्विक आहार ही ग्रहण करें।

भाद्रपद पूर्णिमा के दिन क्या न करें?

  • तामसिक आहार व नशा: इस दिन लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा या किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन बिल्कुल न करें।
  • बाल, दाढ़ी व नाखून काटना: भाद्रपद पूर्णिमा और पूरे पितृ पक्ष के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून काटने की सख्त मनाही होती है। अतः ये कार्य पूर्णिमा से पूर्व ही कर लेने चाहिए।
  • क्रोध व कलह: किसी से व्यर्थ का वाद-विवाद न करें और परिवार के बड़े-बुजुर्गों का अपमान करने से बचें।

पितृ पक्ष (श्राद्ध) के दौरान ध्यान रखने योग्य मुख्य नियम

क्या न करें?

  • मांगलिक कार्य वर्जित: पितृ पक्ष के दौरान विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश या कोई भी अन्य मांगलिक व शुभ कार्य नहीं किए जाते।
  • नई वस्तुओं की खरीदारी: इन 16 दिनों में नए वस्त्र, गाड़ी, संपत्ति आदि नई चीजें खरीदने से बचना चाहिए।
  • जीव-जंतुओं को न सताएं: घर के द्वार पर आए किसी भी भिक्षुक या पशु-पक्षी को न सताएं और न ही खाली हाथ लौटाएं।

क्या करें?

  • जल से तर्पण: प्रतिदिन या अपने पितरों की निर्दिष्ट तिथि पर हाथ में कुशा पहनकर, जल में काले तिल, दूध और गंगाजल मिलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करें।
  • पंचबलि भोग: श्राद्ध वाले दिन भोजन पकाने के बाद स्वयं ग्रहण करने से पूर्व पंचबलि (गाय, कौआ, कुत्ता, देव और चींटी) के लिए भोजन का अंश जरूर निकालें।
  • पशु-पक्षियों की सेवा: पितरों की तृप्ति के लिए कुत्ता, गाय और कौओं को नियमित रूप से भोजन कराएं।

(नोट: यह जानकारी धार्मिक आस्था, लोक मान्यताओं और सनातन धर्मशास्त्र के पंचांगीय नियमों पर आधारित है।)

यह भी पढ़ें- इन 3 राशि वालों को रहना होगा सावधान! आज रात चंद्रमा पर शनि की बुरी नजर…बचने के उपाय भी जानें