
धर्म डेस्क। सुख-समृद्धि और वैभव की कामना से दीपावली पर रविवार (8 नवंबर) को घर-घर में महालक्ष्मी पूजन होगा।इस अवसर पर कार्तिक अमावस्या की अंधेरी रात आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ ही टिमटिमाते दीपकों से रोशन होगी। पर्वकाल होने से शुभ मुहूर्तों में सुबह से देर रात तक महालक्ष्मी का पूजन किया जाएगा।
ज्योतिर्विदों के अनुसार अमावस्या तिथि सुबह 11.28 दूसरे दिन 9 नवंबर सोमवार को दोपहर.12.32 बजे तक रहेगी। अमावस तिथि में दीपावली पर्व के लिए सबसे महत्वपूर्ण प्रदोष वेला एवं महानिशीथ काल 08 को ही मिल रहे हैं।
अतः इस वर्ष दीपावली पर्व उदया चतुर्दशी तिथि में 08 को ही मनाया जाएगा। इस मौके पर स्वाति नक्षत्र और आयुष्मान योग का संयोग पर्व की विशेषता रहेगा। रात 3:03 बजे के बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे।
सूर्य, चंद्रमा और बुध का तुला राशि में होना विशेष ग्रह स्थिति बनाएगा। वहीं सिंह राशि में गुरु और केतु की युति भी रहेगी। ज्योतिषीय मान्यताओं में गुरु को ज्ञान, धर्म और समृद्धि का कारक माना गया है।
- शुभ : दोपहर 01.30 से 02.53 एवं शाम 05.39 से 07.16 बजे तक।
- लाभ : सुबह 09.22 से से 10.45 एवं रात 01.45 से 03.22 बजे तक।
- अमृत : सुबह 10.45 से दोपहर 12.08 एवं शाम 07.16 से रात 08.53 बजे तक।
- चर : सुबह 07.59 से 09.22 एवं रात 08.53 से 10.31 बजे तक।
- वृश्चिक : सुबह 07.17 से 09.33 बजे तक।
- कुम्भ : दोपहर 01.25 से 02.58 बजे तक।
- वृषभ : शाम 06.10 से रात 08.08 बजे तक।
- सिंह : रात 12.37 से 02.49 बजे तक।
- सुबह 11.44 से दोपहर 12.32 बजे तक।
- शाम 05.39 से 07.49 बजे तक।
- रात 11.44 से 12.32 बजे तक।