
धर्म डेस्क। इस बार तिथियों के घटने-बढ़ने से दीपोत्सव छह दिन का होगा। छह नवंबर को धनतेरस से पर्व की शुरुआत होगी। आठ नवंबर को दीपावली, दस नवंबर को गोवर्धन पूजा और 11 नवंबर को भाईदूज मनेगी। प्रतिपदा तिथि के देर से शुरू होने के कारण गोवर्धन पूजा उदयातिथि के अनुसार दस नवंबर को होगी।
पंचांग की गणना के अनुसार पर्वों की तारीखों और पूजा के मुहूर्त अंतर होने से इस प्रकार के योग बन रहे हैं। मां चामुंडा दरबार के पुजारी पं. रामजीवन दुबे के अनुसार आठ नवंबर को अमावस्या के साथ प्रदोष काल और स्थिर लग्न का संयोग है। इसे लक्ष्मी पूजन के लिए शुभ माना जाता है।
अमावस्या तिथि आठ नवंबर को सुबह 11.28 बजे शुरू होगी, जो नौ नवंबर को दोपहर 12.31 बजे तक रहेगी। ऐसे में आठ नवंबर को दिनभर अमावस्या रहने के साथ रात में निशीथ काल का संयोग भी बन रहा है। इसी आधार पर ज्योतिषाचार्यों ने आठ नवंबर को दीपावली मनाने की बात कही है।
पिछले साल अमावस्या 20 अक्टूबर को दोपहर 3.44 बजे शुरू हुई थी। 21 अक्टूबर को शाम 5.54 बजे तक रही थी। इस बार तिथि का समय अलग होने से पर्वों के क्रम में बदलाव हुआ है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, पंचांग की गणना के आधार पर पूजा और पर्व की तारीख तय करना जरूरी है, ताकि श्रद्धालु सही तिथि पर धार्मिक अनुष्ठान कर सकें।
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दीपावली पर हस्त, चित्रा, स्वाति और विशाखा नक्षत्रों का संयोग भी रहेगा। दीपावली के बाद नौ नवंबर को दोपहर 12.31 बजे तक अमावस्या रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू हो जाएगी। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, प्रतिपदा तिथि दोपहर में शुरू होने के कारण गोवर्धन पूजा दस नवंबर को उदयातिथि के आधार पर की जाएगी। इसके अगले दिन 11 नवंबर को भाईदूज के साथ चित्रगुप्त पूजन होगा।
-6 नवंबर-धनतेरस : कार्तिक कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 10.30 बजे शुरू होगी। अगले दिन सुबह 10.48 बजे तक रहेगी।
-7 नवंबर- रूप चतुर्दशी : चतुर्दशी तिथि सुबह 10.38 बजे शुरू होगी और आठ नवंबर को सुबह 11.28 बजे तक रहेगी।
-8 नवंबर- दीपावली : कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि सुबह 11.28 बजे शुरू होगी। इसी दिन दीपावली मनेगी।
-9 नवंबर- रामा-श्यामा : अमावस्या तिथि दोपहर 12.31 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा शुरू होगी।
-10 नवंबर- गोवर्धन पूजा : उदयातिथि के अनुसार गोवर्धन पूजा होगी। प्रतिपदा तिथि दोपहर दो बजे तक रहेगी।
-11 नवंबर- भाईदूज द्वितीया : तिथि दोपहर 3.53 बजे तक रहेगी। इसी दिन भाईदूज का पर्व और चित्रगुप्त पूजन होगा।