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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 14, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ganga Dussehra 2024: अमृत सिद्धि समेत गंगा दशहरा पर बनने जा रहे हैं ये दुर्लभ योग, स्नान-दान से मिलेगा लाभ

इस बार गंगा दशहरा पर शुभ संयोगों का निर्माण होने जा रहा है। इस दिन पूजा-अर्चना और गंगा स्नान करने से दोगुना फल प्राप्त होगा। दशमी तिथि 16 जून को सुबह ...और पढ़ें

By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Fri, 14 Jun 2024 01:44:49 PM (IST)Updated Date: Fri, 14 Jun 2024 02:14:52 PM (IST)
Ganga Dussehra 2024: अमृत सिद्धि समेत गंगा दशहरा पर बनने जा रहे हैं ये दुर्लभ योग, स्नान-दान से मिलेगा लाभ
गंगा दशहरा पर बनने जा रहे हैं बेहद शुभ संयोग।

HighLights

  1. सनातन धर्म में खास माना जाता है गंगा दशहरा पर्व।
  2. इसी दिन पृथ्वी लोक पर अवतरित हुई थीं मां गंगा।
  3. गंगा दशहरा पर 100 साल बाद बन रहे हैं शुभ संयोग।

धर्म डेस्क, इंदौर। Ganga Dussehra 2024: इस साल 16 जून 2024, रविवार को गंगा दशहरा मनाया जाने वाला है। यह दिन और भी ज्यादा खास होने वाला है, क्योंकि 100 साल बाद गंगा दशहरा पर दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है। इस बार गंगा दशहरा पर हस्त नक्षत्र, अमृत सिद्धि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग का अद्भुत संयोग बनने जा रहा है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों के बनने से गंगा दशहरा पर स्नान, दान और दान करने से विशेष फलों की प्राप्ति होगी। गंगा दशहरा के दिन सुबह 11 बजकर 13 मिनट तक हस्त नक्षत्र रहेगा। इसके बाद चित्रा नक्षत्र आरंभ होगा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन मां गंगा का अवतरण हुआ था। इस पर्व को मां गंगा के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाता है।


मां गंगा का अवतरण

भागीरथ ने मां गंगा को धरती पर लाने के लिए काफी प्रयास किए थे। जिस दिन मां गंगा धरती पर अवतरित हुईं, वह ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की दशमी थी। इसी दिन से गंगा दशहरा को मां गंगा के अवतरण दिवस के रूप में मनाया जाने लगा। कहा जाता है कि इस दिन गंगा नदी में स्नान करना चाहिए, लेकिन यदि ऐसा संभव न हो, तो आप घर पर ही नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगा जल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। इस दिन पूजा में 10 प्रकार के फल और फूल का इस्तेमाल करना चाहिए।

अनंत फल की होगी प्राप्ति

गंगा दशहरा पर स्नान- दान का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन दान-पुण्य किया जाए, तो जीवन में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही इस दिन कुछ उपाय करने से कुंडली के ग्रह दोषों से भी राहत मिल जाती है। मान्यता है कि इस दिन अन्न, जल, वस्त्र, पूजन समाग्री, फल, सुहान का सामान, तेल, नमक, गुड़ और सोने का दान करना लाभकारी होता है। इस दिन राहगीरों को शर्बत पिलाने से पुण्य फल मिलते हैं।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'