
धर्म डेस्क, इंदौर। यदि किसी जातक की कुंडली में ग्रह दोष होता है तो उसके जीवन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ग्रह दोषों के निवारण के लिए ज्योतिष शास्त्र में कई उपाय बताए गए हैं। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, ग्रह दोषों के निवारण के लिए गंगा सप्तमी व्रत का विशेष महत्व होता है। 14 मई को आप व्रत के दौरान ये उपाय करेंगे तो ग्रह दोषों का जल्द निवारण होगा।
हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी व्रत रखा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि इस तिथि को ही गंगा नदी का पृथ्वी लोक पर अवतरण हुआ था। हिंदू पंचांग के अनुसार, वैशाख माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि 13 मई, 2024 शाम 5.20 बजे शुरू होगी और इस तिथि का समापन 14 मई को शाम 6.49 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार, गंगा सप्तमी तिथि 14 मई, 2024 को मनाना उचित होगा।
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यदि विधि-विधान से गंगा सप्तमी के दिन पूजा की जाती है तो ग्रह दोषों का निवारण होने के साथ-साथ सभी पापों से मुक्ति मिलती है। गंगा सप्तमी के दिन गंगा स्नान, दान-पुण्य, गंगा माता की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा पूजन करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
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