
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। पंचांग की गणना के अनुसार बुधवार को बुध पुष्य नक्षत्र की साक्षी में आषाढ़ मास की गुप्त नवरात्र का आरंभ होगा। तंत्र की उर्वरा भूमि कही जाने वाली धर्मधानी उज्जैन में नौ दिन साधक तंत्र, मंत्र व यंत्र की सिद्धि के लिए गुप्त साधना करेंगे। शक्तिपीठ हरसिद्धि, गढ़कालिका, बगलामुखी धाम में नौ दिन देवी का अभिषेक, पूजन तथा विशेष श्रृंगार किया जाएगा। देश में सुख समृद्धि तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति के लिए गुप्त साधना भी होगी।
ज्योतिषाचार्य पं. अमर डब्बावाला के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर 15 जुलाई बुधवार से गुप्त नवरात्र का आरंभ होगा। इस दिन पुष्य नक्षत्र, हर्षल उपरांत व्रज योग, बव करण तथा कर्क राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। तिथि, वार, योग, नक्षत्र व करण की यह श्रेष्ठ स्थिति गजकेसरी योग का निर्माण कर रही है। नवरात्र के नौ दिन में वैदिक तंत्र, मंत्र तथा यंत्र की सिद्धि के लिए इस दिन से आदि शक्ति मां दुर्गा की साधना, आराधना शुरु करना सर्वश्रेष्ठ रहेगा। 23 जुलाई को महानवमी पर महापर्व की पूर्णाहुति होगी।
गुप्त नवरात्र में दो सर्वार्थ सिद्धि योग और तीन रवि योग का संयोग रहेगा। शास्त्रीय मान्यता के अनुसार इन योगों में विशेष कार्य संपादित किए जाते हैं। इस प्रकार के योग में बैंकिंग, टेक्नोलाजी आदि से जुड़े कार्यों की शुरुआत भी की जा सकती है। विशिष्ट साधना के लिए योगों का बड़ा महत्व बताया जाता है।
बड़नगर रोड दंडी स्वामी आश्रम के सामने स्थित मां पीतांबरा पीठ बगलामुखी मंदिर में बुधवार सुबह पुष्य नक्षत्र की साक्षी में घट स्थापना की जाएगी। आश्रम पीठाधीश्वर पीतांबर साधक संत विजयानंदपुरी महाराज ने बताया गुप्त नवरात्र में नौ दिन देश, प्रदेश व शहर की सुख समृद्धि के लिए श्री बगलामुखी महायज्ञ का आयोजन होगा। मां पीतांबरा की प्रसन्नता के लिए प्रतिदिन सवा लाख आहुति दी जाएगी। भक्त भी मनोवांछित फल की प्राप्त के लिए यज्ञ में शामिल हो सकते हैं।
शहर के प्राचीन देवी मंदिरों में शुमार व धर्मशास्त्रों में सिद्ध व शक्तिपीठ माने जाने वाले गढ़कालिका माता मंदिर में गुप्त नवरात्र के दौरान माता गढ़कालिका की विशेष आराधना होगी। महंत करिश्मानाथ ने बताया नौ दिन देवी का अभिषेक पूजन कर नितनया श्रृंगार किया जाएगा। मान्यता है माता गढ़कालिका कुमकुम अर्चना से प्रसन्न होती हैं, इसी मान्यता के चलते भक्त देवी आराधना करने मंदिर पहुंचेंगे। बता दें श्री गढ़कालिका माता मंदिर में कुमकुम पूजा के लिए 250 रुपये की शासकीय रसीद कटवाना अनिवार्य है। मंदिर परिसर स्थित प्रबंध समिति के कार्यालय में रसीद कटवाने की सुविधा उपलब्ध है।
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