• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • धर्म
  • व्रत-त्योहार

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Hanuman Janmotsav 2025: पंचग्रही युति योग में 12 अप्रैल को मनेगा हनुमानजी का प्रकटोत्सव, 57 साल बाद हो रहा ऐसा

हनुमान जन्मोत्सव (Hanuman Janmotsav 2025) देशभर में मनाया जाता है। उस दिन हनुमान मंदिरों में सुबह अभिषेक पूजन, दिन में श्रृंगार तथा शाम को महाआरती व म...और पढ़ें

By Arvind DubeyEdited By: Arvind Dubey
Publish Date: Tue, 08 Apr 2025 09:09:51 AM (IST)Updated Date: Tue, 08 Apr 2025 09:26:11 AM (IST)
Hanuman Janmotsav 2025: पंचग्रही युति योग में 12 अप्रैल को मनेगा हनुमानजी का प्रकटोत्सव, 57 साल बाद हो रहा ऐसा
मंदिरों में हनुमान जन्मोत्सव की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि व राहु की युति
  2. इस युति में विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए पूजा
  3. कृपा से पाप ग्रहों के अशुभ फल से मिलेगी मुक्ति

नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन : चैत्र पूर्णिमा पर 12 अप्रैल को पंचग्रही युति योग में हनुमानजी का प्रकटोत्सव (Hanuman Janmotsav 2025) मनाया जाएगा। हनुमान जयंती पर इस बार 57 साल बाद पंचग्रही युति योग बन रहा है।

इस योग में हनुमान आराधना सुख, समृद्धि व ग्रहों की अनुकूलता के लिए विशेष मानी गई है। इस दिन विशेष रूप से शनि, मंगल व राहु की शांति के लिए केसरी नंदन का वंदन शुभफलदायी है।

naidunia_image

पिछली बार 1968 में बना था ऐसा योग

  • ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पंचग्रही युति (Panchagrahi Yuti Yoga) का ऐसा ही योग वर्ष 2025 से पहले सन 1968 में बना था। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया, भारतीय ज्योतिष शास्त्र में विशेष पर्व, त्योहार पर ग्रह,नक्षत्र व योगों का विशेष महत्व है।

  • इनकी साक्षी में संबंधित देवी, देवता की आराधना करने से विशिष्ट फल की प्राप्ति होती है। साधना, आराधना से शुभ फल की प्राप्ति का ऐसा ही एक और अवसर 12 अप्रैल को प्राप्त होने वाला है।
  • इस दिन पांच ग्रहों की साक्षी में संकट मोचन हनुमानजी का जन्मोत्सव (Hanuman Ji Prakatotsav) मनाया जाएगा। मीन राशि में सूर्य, बुध, शुक्र, शनि व राहु की युति बन रही है। पंचग्रही युति में किसी विशेष मनोकामना की पूर्ति के लिए हनुमानजी की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।

  • मान्यता के अनुसार, जातक की जन्म कुंडली में शनि, मंगल व राहु सप्तम, अष्टम भाव में हो तो हनुमानजी की आराधना करना चाहिए। हनुमानजी की कृपा से ही पाप ग्रहों के अशुभ फल से मुक्ति मिलती है।
  • naidunia_image

    यहां भी क्लिक करें - अप्रैल में रामनवमी व हनुमान जन्मोत्सव से लेकर मनाए जाएंगे ये त्योहार, यहां देखें लिस्ट

    शनिदेव की कृपा पाने के लिए करें ये उपाय

    न्याय के देवता शनि 29 मार्च को कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश कर गए हैं। मेष राशि वाले जातकों की साढ़े साती शुरू हो गई है। कुंभ राशि वालों का अंतिम ढैया व मीन राशि वालों के लिए द्वितीय ढैया है। इन राशि वालों को हनुमान जयंती पर शनिदेव की कृपा प्राप्त करने के लिए उपाय करना चाहिए।

    धनु, सिंह व तुला राशि के जातकों को भी शारीरिक सुरक्षा व मानसिक शांति के लिए हनुमानजी की आराधना करना चाहिए। यह धार्मिक कार्य फलदायी हनुमानजी की प्रसन्नता के लिए हनुमान चालीसा, हनुमान स्तोत्र, हनुमान वडवालन स्तोत्र, हनुमान साठिका, पंचमुखी हनुमान कवच का पाठ यथा श्रद्धा करने से सुख, शांति, स्वास्थ्य, आयु, आरोग्य की प्राप्ति होती है।

    हनुमानजी को मीठा रोट, श्रीफल, फल, मिष्ठान का भोग लगाना चाहिए। सरसों के तेल का दीपक लगाना भी अनुकूल है।