• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • वास्‍तु शास्‍त्र
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • धर्म
  • व्रत-त्योहार

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Janmashtami 2023: 6 या 7 सितंबर कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी? जानिए सही तिथि और शुभ मुहूर्त

6 सितंबर को सुबह 07 बजकर 57 मिनट के बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं, दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत होगी।

By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Sun, 03 Sep 2023 12:05:44 PM (IST)Updated Date: Sun, 03 Sep 2023 12:05:44 PM (IST)
Janmashtami 2023: 6 या 7 सितंबर कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी? जानिए सही तिथि और शुभ मुहूर्त
janmashtami 2023 date

HighLights

  1. 7 सितंबर गुरुवार को उदया तिथि में अष्टमी तिथि होगी।
  2. 7 सितंबर को वैष्णव संप्रदाय से जुड़े लोग यह पर्व मनाएंगे।
  3. हिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि 06 सितंबर को ही रहेंगे।

Janmashtami 2023: हर साल भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस बार जन्माष्टमी 6 और 7 सितंबर को मनाई जाने वाली है। पंडित आशीष शर्मा के अनुसार, 6 सितंबर को मध्य रात्रि में भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। वहीं, 7 सितंबर को वैष्णव संप्रदाय से जुड़े लोग यह पर्व मनाएंगे। 6 सितंबर को सुबह 07 बजकर 57 मिनट के बाद अष्टमी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं, दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से रोहिणी नक्षत्र की शुरुआत होगी। ऐसे में रोहिणी नक्षत्र और अष्टमी तिथि 06 सितंबर को ही रहेंगे, इसलिए गृहस्थ लोग इस दिन जन्माष्टमी पर्व मनाएंगे।

07 सितंबर को भी मनाई जाएगी जन्माष्टमी

बता दें कि 7 सितंबर गुरुवार को उदया तिथि में अष्टमी तिथि होगी। इस दिन भी जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाएगा। लेकिन इस दिन मध्य रात्रि में अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग नहीं होगा। वैष्णव सम्प्रदाय से जुड़े लोग 07 सितंबर को यह पर्व मनाएंगे। वहीं, इस बार जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग बन रहा है। 6 सितंबर को रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बनेंगे। सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन रहेगा। इस योग में पूजा-पाठ करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। वहीं, रवि योग की शुरुआत दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से होगी।


जन्माष्टमी पूजा विधि

जन्माष्टमी व्रत में अष्टमी से उपवास की शुरुआत होती है और नवमी तिथि पर पारण किया जाता है। इस व्रत के एक दिन पहले सात्विक भोजन ही करना चाहिए। व्रत वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होकर सभी देवताओं को प्रणाम करें। पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठे। हाथ में जल, फल और फूल लेकर व्रत का संकल्प लें। मध्यान्ह के समय काले तिल का जल छिड़क कर देवकी जी के लिए प्रसूति ग्रह का निर्माण करें। इस गृह में एक बिछौना बिछाकर उस पर कलश स्थापित करें। भगवान कृष्ण और माता देवकी की मूर्ति का सुंदर का चित्र लगाएं। देवकी, वासुदेव, बलदेव, नन्द, यशोदा और लक्ष्मी जी का नाम लेते हुए पूजा करें। रात 12 बजे भगवान कृष्ण की आरती करें और उन्हें भोग लगाएं।

Janmashtami 2023: जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर इस तरह करें बाल गोपाल का श्रृंगार, प्रसन्न हो जाएंगे कान्हा

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'