
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। श्री सनातन धर्म मंदिर में शनिवार, 19 सितंबर को राधाष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर भगवान श्री चक्रधर को 64 कली का लहंगा, चुनरी और पारंपरिक आभूषण धारण कराकर राधारानी स्वरूप में श्रृंगारित किया जाएगा। राधारानी की पालकी शोभायात्रा सुबह नौ बजे मंदिर से निकलेगी। वहीं, इस्कॉन की ओर से महावीर भवन, कंपू में शाम 5:30 बजे राधा रानी महामहोत्सव का आयोजन होगा।
राधाष्टमी महोत्सव का शुभारंभ 18 सितंबर को ब्रज रस रसिक श्री सतीश कौशिक की ब्रज भाव से ओतप्रोत भजन संध्या से होगा। 19 सितंबर को मुख्य पुजारी पं. रमाकांत शास्त्री भगवान श्री चक्रधर का मनोहारी श्रृंगार करेंगे। उन्हें 64 कली का लहंगा, चुनरी, बेंदा, करधनी, नथ-बेसर, कुंडल, कंगन, मोतियों के हार और पुष्प मालाएं धारण कराई जाएंगी। इसके बाद मंगला आरती, दधिकांदा उत्सव, बधाईगान और पुष्पवर्षा होगी।
भगवती श्री राधारानी पालकी में विराजमान होकर भक्तों के साथ नगर भ्रमण पर निकलेंगी। शोभायात्रा सनातन धर्म मंदिर से बैंड-बाजों के साथ शुरू होकर दाल बाजार, नया बाजार, दौलतगंज, माधवगंज, गोरखी, महाराज बाड़ा, सराफा बाजार, राम मंदिर, गिर्राजी मंदिर, हाईकोर्ट, जयेंद्रगंज चौराहा होते हुए सनातन धर्म मंदिर बरसाना धाम पहुंचेगी। विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं द्वारा पालकी यात्रा का स्वागत और राधारानी का पूजन किया जाएगा। शाम को श्री गिरिराज धरण सभागार में श्री हित भजन मंडल की ओर से संगीतमय भजन संध्या होगी। अंत में प्रसाद वितरण किया जाएगा। राधारानी का छठी महोत्सव 24 सितंबर को मनाया जाएगा।
इस्कॉन ग्वालियर की ओर से महावीर भवन, कंपू में शाम साढ़े पांच बजे राधा रानी महामहोत्सव होगा। कार्यक्रम की शुरुआत संकीर्तन से होगी। इसके बाद इस्कॉन मंदिर के प्रमुख मानसचंद्र प्रभु राधारानी की कथा सुनाएंगे। वृंदावन से आई टीम रॉक संकीर्तन की प्रस्तुति देगी। बच्चों और माताजी की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी का विशेष महाअभिषेक होगा। आयोजन के समापन पर श्रद्धालुओं के लिए प्रसादम की व्यवस्था रहेगी