Mahakal Mandir Ujjain: श्रावण-भाद्रपद मास में भक्त कर सकेंगे बाबा महाकाल का जलाभिषेक, ऐसी होगी दर्शन व्यवस्था
Mahakal Temple Ujjain: ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास की दर्शन व्यवस्था तय हो गई है। सामान्य, शीघ्र दर्शन और कांवड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। भगवान महाकाल की भस्म आरती के समय में बदलाव होगा और सामान्य भक्त भी जलाभिषेक कर सकेंगे।
Publish Date: Fri, 27 Jun 2025 08:06:04 AM (IST)
Updated Date: Fri, 27 Jun 2025 04:35:39 PM (IST)
भगवान महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर उज्जैन। फाइल फोटोHighLights
- सामान्य, शीघ्र दर्शन तथा कावड़ियों को अलग-अलग द्वार से मिलेगा प्रवेश।
- सामान्य श्रद्धालु भी कर सकेंगे जलाभिषेक, दो स्थानों पर लगेगा जल पात्र।
- श्रावण-भाद्रपद मास में महाकाल की भस्म आरती के समय में बदलाव होगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में श्रावण-भाद्रपद मास की दर्शन व्यवस्था तय हो गई है। गुरुवार को मंदिर कार्यालय में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सामान्य, शीघ्र दर्शन तथा कांवड़ यात्रियों के लिए अलग-अलग द्वार से प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
बैठक में मंदिर के पट खुलने का समय तथा सावन-भादौ मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारी को लेकर भी निर्णय लिया गया है। विशेष बात है कि श्रावण-भाद्रपद मास में सामान्य भक्त भी भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर सकेंगे। इसके लिए मंदिर के सभा मंडप तथा कार्तिकेय मंडपम में जल पात्र लगाए जाएंगे।
रात 2.30 बजे खुलेंगे मंदिर के पट
महाकाल में श्रावण-भाद्रपद मास में मंदिर के पट खुलने के साथ भगवान महाकाल की भस्म आरती के समय में बदलाव होगा। मंदिर समिति के अनुसार 11 जुलाई से 18 अगस्त तक प्रतिदिन तड़के तीन बजे तथा प्रत्येक रविवार को रात 2.30 बजे मंदिर के पट खुलेंगे। इसके बाद भगवान महाकाल की भस्म आरती की जाएगी।
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आरती के बाद सामान्य दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो रात 11 बजे शयन आरती संपन्न होने तक चलेगा। भस्म आरती में चलायमान दर्शन व्यवस्था भी रहेगी। कार्तिकेय मंडपम की अंतिम तीन पंक्तियों से भक्तों को लगातार चलायमान व्यवस्था से भगवान महाकाल की भस्म आरती के दर्शन कराए जाएंगे।
किन भक्तों का कहां से प्रवेश
- सामान्य दर्शनार्थी : आम भक्तों को श्री महाकाल महालोक के नंदी द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से श्रद्धालु मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर से महाकाल टनल के रास्ते मंदिर परिसर से होते हुए कार्तिकेय व गणेश मंडपम से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। पश्चात निर्माल्य द्वार तथा नए आपातकालीन द्वार से बाहर निकलेंगे।
- शीघ्र दर्शन : भगवान महाकाल के शीघ्र व सुविधाजन दर्शन के लिए 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट वाले दर्शनार्थियों को गेट नं. 1 तथा 4 से प्रवेश मिलेगा।
- कावड़ यात्री : देशभर से आने वाले कावड़ यात्रियों को मंगलवार से शुक्रवार तक गेट नं. 4 से निर्धारित व्यवस्था के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा। शनिवार, रविवार व सोमवार को आने वाले कावड़ यात्री सामान्य दर्शनार्थियों के लिए लागू निर्धारित व्यवस्था से भगवान महाकाल के दर्शन व जलाभिषेक करेंगे।
सवारी मार्ग का निरीक्षण किया
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श्रावण-भाद्रपद मास की व्यवस्था तय करने से पहले कलेक्टर रौशन कुमार सिंह विभिन्न विभाग के अधिकारियों के साथ सवारी मार्ग का निरीक्षण करने पहुंचे। कलेक्टर ने कहा कि सवारी के दौरान ऐसे प्रबंध किए जाएं कि भक्तों को पालकी में विराजित भगवान महाकाल के सुविधा से दर्शन हो सके। सवारी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, साफ सफाई, प्रकाश व्यवस्था के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए।