
नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। गणेशोत्सव के बीच शहर के कई महाराष्ट्रीयन परिवारों के घरों में महालक्ष्मी यानी गौरी विराजी हैं। ज्येष्ठ गौरी और कनिष्ठ गौरी ढाई दिन के लिए मायके आई हैं। शुक्रवार को दूसरे दिन परिवारों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महाभोग तैयार कर देवी को अर्पित किया। घरों में तरह-तरह के महाराष्ट्रीयन व्यंजन बनाए गए और महिलाओं ने हल्दी-कुंकू की रस्म भी निभाई। शनिवार को घी-चावल का भोग लगाकर गौरी को विदाई दी जाएगी।
माय सिटी टाउनशिप निवासी महक पाटिल ने बताया कि उनके घर में करीब 60 साल से गौरी विराजित की जा रही हैं। हर साल ज्येष्ठ गौरी और कनिष्ठ गौरी को सुंदर साड़ी और गहनों से सजाया जाता है। परिवार की ओर से हर बार सजावट के लिए एक खास थीम तय की जाती है।
इस साल झांकी की थीम राजस्थानी हवेली रखी गई है। महक ने बताया कि दोनों गौरी को चढ़ाई जाने वाली साड़ियां बाद में उनकी दो ननदों को भेंट की जाती हैं।
शुक्रवार को देवी को महाभोग अर्पित किया गया और इस अवसर पर भंडारे का आयोजन भी हुआ। शनिवार को घी-चावल का भोग लगाकर विधि-विधान से देवी को विदाई दी जाएगी।
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कोलार रोड स्थित विराशा हाइट्स निवासी स्वप्ना संजय देशपांडे के परिवार में भी करीब 50 साल से श्रीमहालक्ष्मी की स्थापना की जा रही है। इस अवसर पर परिवार के सदस्य अलग-अलग शहरों से घर पहुंचते हैं।
उन्होंने बताया कि उनके घर में चार महालक्ष्मी विराजती हैं। इस बार उन्होंने अपनी दो देवरानियों भारती देशपांडे और साक्षी देशपांडे तथा बेटी सायली के साथ देवी की स्थापना की।
नौकरी के सिलसिले में दूसरे शहरों में रहने वाले परिवार के सदस्य भी इस दौरान घर आकर सजावट और तैयारियों में हाथ बंटाते हैं। इस वर्ष बेटी सायली और दामाद सुमित मोहंती के आने से परिवार की खुशी और बढ़ गई।
स्टार एवेन्यू, बावड़ियाकलां निवासी नंदा मजूमदार के घर में 26 साल से महालक्ष्मी विराज रही हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बड़ी सास की उम्र अधिक होने के बाद उन्होंने महालक्ष्मी स्थापना की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी थी। तभी से वह हर साल अपनी देवरानी भावना मजूमदार के साथ मिलकर देवी का स्वागत करती हैं।
भावना स्कूल में शिक्षिका हैं और इस विशेष अवसर के लिए छुट्टी लेकर घर आती हैं। दोनों मिलकर महाभोग तैयार करती हैं और देवी को सजाती हैं।
इस बार महाभोग में पुरण पोळी के साथ 16 प्रकार की सब्जियां, कढ़ी, भजी और पांच प्रकार की चटनी बनाई गईं। शुक्रवार को देवी को महाभोग अर्पित किया गया और शाम को महिलाओं को हल्दी-कुंकू के लिए आमंत्रित किया गया। इस वर्ष उनकी बेटी भी लंदन से घर आई है, जिससे परिवार की खुशी दोगुनी हो गई।