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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Masik Shivratri 2024: साल की पहली मासिक शिवरात्रि 9 जनवरी को, मंगलवार को जरूर करें शिव शंकर स्तोत्र का पाठ

Masik Shivratri 2024 ''शिव शंकर स्तोत्र'' का पाठ करना बेहद फलदायी होता है। इस स्रोत का पाठ करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है...और पढ़ें

By Sandeep ChoureyEdited By: Sandeep Chourey
Publish Date: Mon, 08 Jan 2024 02:17:50 PM (IST)Updated Date: Mon, 08 Jan 2024 02:17:50 PM (IST)
Masik Shivratri 2024: साल की पहली मासिक शिवरात्रि 9 जनवरी को, मंगलवार को जरूर करें शिव शंकर स्तोत्र का पाठ
साल 2024 की पहली मासिक शिवरात्रि 9 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी।

HighLights

  1. हिंदू धर्म के सभी संप्रदायों में भगवान भोलेनाथ को पूजनीय माना गया है।
  2. हर माह में शिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है।
  3. हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है।

धर्म डेस्क, इंदौर। सनातन धर्म में देवों से देव महादेव को सर्वशक्तिमान माना गया है और हिंदू धर्म के सभी संप्रदायों में भगवान भोलेनाथ को पूजनीय माना गया है। ऐसे में हर माह में शिवरात्रि पर्व पर भगवान भोलेनाथ की पूजा विधि-विधान के साथ की जाती है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। पंडित चंद्रशेखर मलतारे के मुताबिक, साल 2024 की पहली मासिक शिवरात्रि 9 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। ऐसे में ''शिव शंकर स्तोत्र'' का पाठ करना बेहद फलदायी होता है। इस स्रोत का पाठ करने से भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है।

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।।शिव शंकर स्तोत्र।।

अतिभीषणकटुभाषणयमकिंकरपटली-कृतताडनपरिपीडनमरणागतसमये ।

उमया सह मम चेतसि यमशासन निवसन् हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

असदिन्द्रियविषयोदयसुखसात्कृतसुकृतेः परदूषणपरिमोक्षण कृतपातकविकृतेः ।

शमनाननभवकानननिरतेर्भव शरणं हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

विषयाभिधबडिशायुधपिशितायितसुखतो मकरायितगतिसंसृतिकृतसाहसविपदम् ।

परमालय परिपालय परितापितमनिशं हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

दयिता मम दुहिता मम जननी मम जनको मम कल्पितमतिसन्ततिमरुभूमिषु निरतम् ।

गिरिजासख जनितासुखवसतिं कुरु सुखिनं हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

जनिनाशन मृतिमोचन शिवपूजननिरतेः अभितोऽदृशमिदमीदृशमहमावह इति हा ।

गजकच्छपजनितश्रम विमलीकुरु सुमतिं हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

त्वयि तिष्ठति सकलस्थितिकरुणात्मनि हृदये वसुमार्गणकृपणेक्षणमनसा शिवविमुखम् ।

अकृताह्निकमसुपोषकमवताद् गिरिसुतया हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

पितरावतिसुखदाविति शिशुना कृतहृदयौ शिवया हृतभयके हृदि जनितं तव सुकृतम् ।

इति मे शिव हृदयं भव भवतात् तव दयया हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

शरणागतभरणाश्रितकरुणामृतजलधे शरणं तव चरणौ शिव मम संसृतिवसतेः ।

परिचिन्मय जगदामयभिषजे नतिरवतात् हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

विविधाधिभिरतिभीतिभिरकृताधिकसुकृतं शतकोटिषु नरकादिषु हतपातकविवशम् ।

मृड मामव सुकृती भव शिवया सह कृपया हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

कलिनाशन गरलाशन कमलासनविनुत कमलापतिनयनार्चित करुणाकृतिचरण ।

करुणाकर मुनिसेवित भवसागरहरण हर शंकर शिव शंकर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

विजितेन्द्रियविबुधार्चितविमलाम्बुजचरण भवनाशन भयनाशन भजिताङ्गितहृदय ।

फणिभूषण मुनिवेषण मदनान्तक शरणं शिव शङ्कर शिव शङ्कर हर मे हर दुरितम् ॥ ॥

त्रिपुरान्तक त्रिदशेश्वर त्रिगुणात्मक शम्भो वृषवाहन विषदूषण पतितोद्धर शरणम् ।

कनकासन कनकाम्बर कलिनाशन शरणं शिव शङ्कर शिव शङ्कर हर मे हर दुरितम् ॥॥

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'