• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • धर्म
  • व्रत-त्योहार

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Nag Panchami 2024: नाग पंचमी पर धारदार चीजों का न करें इस्तेमाल, वरना लग जाएगा सर्प दोष

नाग पंचमी का पर्व लोग बड़े ही धूमधाम के साथ मनाते हैं। यह पर्व नाग देवताओं की पूजा के लिए समर्पित है। इस बार नाग पंचमी पर्व 9 अगस्त को मनाया जाने वाला...और पढ़ें

By Ekta SharmaEdited By: Ekta Sharma
Publish Date: Fri, 02 Aug 2024 02:06:15 PM (IST)Updated Date: Fri, 02 Aug 2024 02:06:15 PM (IST)
Nag Panchami 2024: नाग पंचमी पर धारदार चीजों का न करें इस्तेमाल, वरना लग जाएगा सर्प दोष
नाग देवता की पूजा करने से सांप के डसने का भय भी नहीं रहता। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. ब्रह्मा जी ने सांपों को नाग पंचमी के दिन पूजे जाने का वरदान दिया था।
  2. इस दिन पूजा करने से राहु-केतु समेत अन्य दोषों से मुक्ति मिलती है।
  3. इस दिन कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिसमें जमीन की खुदाई करनी पड़े।

धर्म डेस्क, इंदौर। Nag Panchami 2024: हर साल सावन के महीने में नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। सावन के महीने में कई सारे महत्वपूर्ण त्योहार मनाया जाते हैं। इनमें से एक नाग पंचमी पर्व भी है। इस बार नाग पंचमी पर्व 9 अगस्त को मनाया जाने वाला है। हर साल सावन माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन नाग पंचमी पर्व मनाया जाता है।

इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है। यह दिन नाग देवता को समर्पित होता है। नाग देवता की पूजा भी हमारी संस्कृति और परंपरा का एक भाग है। नाग पंचमी का दिन कालसर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।


शास्त्रों के अनुसार, कुछ ऐसे काम हैं, जो नाग पंचमी के दिन नहीं करने चाहिए। यदि ऐसा किया जाए, तो आने वाली 7 पीढ़ियों तक इसका दोष लगता है। आइए, जानते हैं कि नाग पंचमी के नियम कौन-से हैं।

naidunia_image

सांप के डसने का भय होगा दूर

भविष्य पुराण के अनुसार, यदि सांप के काटने से किसी व्यक्ति की मौत हुई हो, तो उनकी सद्गति नहीं होती है। ऐसी आत्मा को मोक्ष नहीं मिलता है। ऐसे में नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से सांप के डसने का भय भी नहीं रहता। साथ ही जिन लोगों की अकाल मृत्यु होती है, तो उन्हें मुक्ति मिल जाती है।

ब्रह्म पुराण के अनुसार, ब्रह्मा जी ने सांपों को नाग पंचमी के दिन पूजे जाने का वरदान दिया था। इस दिन अनंत, वासुकी, तक्षक, कारकोटक और पिंगल नाग की पूजा की जाती है। इनकी पूजा करने से राहु-केतु समेत अन्य दोषों से भी मुक्ति मिलती है।

सांपों को न पहुंचाएं नुकसान

हिंदू धर्म में सर्पों को देवता माना जाता है। सर्प को कभी भी नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। साथ ही खासकर नाग पंचमी के दिन सांपों को कष्ट बिल्कुल ना पहुंचाएं। ऐसा करने से आपकी आने वाली सात पीढ़ियों को भी इसका कष्ट भोगना पड़ता है और दोष लगता है।

न करें जमीन की खुदाई

इस दिन कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिसमें जमीन की खुदाई करना पड़े। ऐसा करने से मिट्टी या जमीन में सांपों के बिल या बांबी टूटने का डर रहता है। कहा जाता है कि सांपों को नुकसान पहुंचाने पर वंश का नाश हो सकता है और संतान सुख भी नहीं मिलता है।

naidunia_image

सांपों को न पिलाएं दूध

नाग पंचमी के दिन जीवित सांप को दूध नहीं पिलाना चाहिए। सांप के लिए दूध जहर के समान माना जाता है, इसलिए सिर्फ उनकी प्रतिमा पर ही दूध अर्पित करें।

धारदार चीजों का न करें इस्तेमाल

नाग पंचमी के दिन किसी भी नुकीली या धारदार वस्तु जैसे चाकू, सुईं, कैंची आदि का इस्तेमाल न करें। यह अशुभ माना जाता है। इस दिन सिलाई, कढ़ाई भी नहीं की जाती है।

न करें तवे का इस्तेमाल

नाग पंचमी के दिन लोहे की कढ़ाई, तवे आदि पर खाना नहीं बनाया जाता है। मान्यता है कि नाग पंचमी पर रोटी बनाने के लिए जिस लोहे के तवे का इस्तेमाल किया जाता है, उसे नाग का फन माना जाता है। ऐसे में इस दिन इसका उपयोग करना अशुभ होता है।

डिसक्लेमर

'इस लेख में दी गई जानकारी/सामग्री/गणना की प्रामाणिकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। सूचना के विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/धार्मिक मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संकलित करके यह सूचना आप तक प्रेषित की गई हैं। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है, पाठक या उपयोगकर्ता इसे सिर्फ सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी तरह से उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता या पाठक की ही होगी।'