25 मई से लगेगा नौतपा, इस बार इन 9 दिनों में मिल रहे हैं 3 बड़े संकेत
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में जाते हैं, तो सूर्य की तपिश कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है। धार्मिक मान्यता है कि अगर नौतपा के इन 9 दिनों में बारिश नहीं होती, तो उस साल बारिश भी जोरदार होती है। रोहिणी नक्षत्र को तेज हवाओं से जोड़कर देखा जाता है।
Publish Date: Thu, 22 May 2025 05:13:42 PM (IST)
Updated Date: Fri, 23 May 2025 09:05:53 PM (IST)
25 मई से शुरू हो रहा है नौतपा।HighLights
- आम बोलचाल शब्दों में नौतपा का अर्थ है भयानक और प्रचंड गर्मी के 9 दिन।
- इन 9 दिनों में धरती ऐसी मालूम पड़ती है जैसे आसमान आग उगल रहा हो।
- नौतपा 9 दिन की जगह 15-20 दिनों की अवधि तक भी चल सकता है।
नौतपा भीषण गर्मी के प्रचंड 9 दिनों को कहा जाता है। नौतपा में लू चलती है और भीषण गर्मी में ऐसा लगता है जैसे आसमान से आग उगल रही हो। विष्णु पुराण में नौतपा यानी प्रचंड गर्मी को कई संकेतों से जोड़कर देखा जाता है। सीहोर के ज्योतिष डॉ पंडित गणेश शर्मा के अनुसार 'सूर्यदेव जब धरती से पूरी नमी सोख लेंगे, तो पृथ्वी कछुए की पीठ की तरह शुष्क नजर आएगी।' विष्णु पुराण में प्रचंड गर्मी के बारे में ऐसी ही भविष्यवाणियां की गई हैं, जो समय बीतने के साथ सच होती दिख रही है।
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- हाल ही में बढ़ती गर्मी ने जिस तरह से अपना शुरुआती रूप दिखाया है, उसे देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि आगे आने वाला समय कितना घातक हो सकता है।
- नौतपा में सूर्यदेव धरती तपाएंगे। खासतौर पर बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोग इस बात का अंदाजा लगा चुके हैं कि इस साल नौतपा कितना खतरनाक हो सकता है।
- नौतपा का अर्थ संक्षेप में समझें, तो मई के आखिर या जून की शुरुआत में प्रचंड गर्मी पड़ती है। इस दौरान तेज लू चलती है। इसे ही ओनौतपा कहते हैं।
- विष्णु पुराण में भविष्यवाणियां लिखी गई हैं, जिसे लोग प्रचंड गर्मी और नौतपा से जोड़कर देखते है धार्मिक और पौराणिक महत्व और नौतपा से जुड़े संकेत।
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- इस वर्ष नौतपा 25 मई से 3 जून तक रहेगा। आम बोलचाल शब्दों में नौतपा का अर्थ है भयानक और प्रचंड गर्मी के 9 दिन।
- न 9 दिनों में धरती ऐसी मालूम पड़ती है जैसे आसमान धरती पर आग उगल रहा हो। हालांकि, नौतपा 9 दिन की जगह 15-20 दिनों तक भी चल सकता है।
- गर्मियों के महीनों में ये लू भरे दिन आग उगलते हुए लगते हैं। धार्मिक महत्व की बात करें, तो जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो नौतपा की शुरुआत होती है।
- जब सूर्य मृगशिरा नक्षत्र में जाएंगे तो नौतपा की समाप्ति होगी।
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नौतपा से केवल भीषण गर्मी नहीं प्रकृति के लिए मिलते हैं ये संकेत
- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में जाते हैं, तो सूर्य की तपिश कुछ ज्यादा ही बढ़ जाती है।
- धार्मिक मान्यता है कि अगर नौतपा के इन 9 दिनों में बारिश नहीं होती, तो उस साल बारिश भी जोरदार होती है। रोहिणी नक्षत्र को तेज हवाओं से जोड़कर देखा जाता है।
- इसका अर्थ यह है कि सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में होने के प्रभाव से तेज हवाएं, आंधियों और फिर लू में बदल जाती है।
- वहीं, चंद्रदेव को शीतलता, मानसिक शांति का कारक माना जाता है लेकिन नौतपा लगने के दौरान चंद्रदेव नौ नक्षत्रों में भ्रमण करते हैं इसलिए शीतलता का प्रभाव नौतपा के दौरान हट जाता है।
प्रचंड गर्मी यानी नौतपा अंत की ओर बढ़ने का संकेत
- विष्णु पुराण में इस बात का उल्लेख किया गया है कि हर साल नौतपा यानी सूर्य जब रोहिणी नक्षत्र में जाएंगे, तो इस प्रभाव पिछले साल की तुलना में ज्यादा प्रचंड होगा।
- हर साल भीषण गर्मी बढ़ती जाएगी। विष्णु पुराण के अनुसार, पृथ्वी पर भीषण गर्मी प्रलय का संकेत है। भगवान विष्णु सूर्य की किरणों से जल सोख लेते हैं।
- समुद्र, नदियां और पर्वत सूख जाते हैं। सात सूर्य रश्मियां सात सूर्य बन जाती हैं। यह घटना विनाशकारी हो सकती है। इस दौरान पृथ्वी पर जीवन असंभव हो जाएगा
नौतपा में इस साल कितना तड़पाएंगे सूर्यदेव
- हर साल की तरह इस साल भी नौतपा के दिन बहुत गर्म रहेंगे। बीते सालों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि नौतपा में तापमान 47-48 सेल्सियस डिग्री के भी पार पहुंच सकता है।
- इसका अर्थ यह है कि इस साल भी सूर्यदेव नौतपा में धरती पर आग उगलेंगे, जिसके कारण प्रचंड गर्मी में पृथ्वीलोक के प्राणी तड़प उठेंगे।
- ज्योतिष शास्त्र में नौतपा के प्रभाव को कम करने के लिए जल, मटका, अन्न, पंखा, दूध आदि शीतल चीजों को दान करना चाहिए। साथ ही नौतपा के दिनों में सूर्यदेव को जल जरूर अर्पित करें।