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कन्या पूजन में भूलकर भी न दें ये 3 उपहार, घर आ सकती है नेगेटिव एनर्जी, जानें कंजकों को क्या भेंट करना शुभ

शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। कन्याओं को उपहार देते समय काले रंग, चमड़े और नुकीली चीजों को देने से बचना चाह...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Akriti kumari
Publish Date: Fri, 09 Oct 2026 12:49:01 PM (IST)Updated Date: Fri, 09 Oct 2026 01:33:31 PM (IST)
कन्या पूजन में भूलकर भी न दें ये 3 उपहार, घर आ सकती है नेगेटिव एनर्जी, जानें कंजकों को क्या भेंट करना शुभ
अष्टमी- नवमी पर लोग कन्या पूजन करते हैं। (एआई जनरेटेड)

HighLights

  1. अष्टमी- नवमी पर लोग कन्या पूजन करते हैं
  2. काले, चमड़े और नुकीले सामान देने से बचें
  3. लाल चुनरी, पढ़ाई का सामान देना शुभ होता है

धर्म डेस्क। सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि की अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व है। इस पावन अवसर पर 2 से 10 साल की छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का साक्षात बाल स्वरूप मानकर कन्या पूजन (कंजक पूजन) किया जाता है। कन्याओं के पैर धोकर, उन्हें तिलक लगाकर सात्विक भोजन (जैसे पूड़ी, चना और हलवा) कराया जाता है तथा आशीर्वाद स्वरूप दक्षिणा और उपहार दिए जाते हैं।

साल 2026 में शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व 11 अक्टूबर (रविवार) से शुरू होने जा रहा है। शास्त्रों और लोक मान्यताओं के अनुसार, कन्या पूजन में दिए जाने वाले उपहार केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि श्रद्धा और भाव के प्रतीक होते हैं। ऐसे में उपहार चुनते समय कुछ विशेष नियमों का ध्यान रखना अनिवार्य है। आइए जानते हैं कंजकों को कौन-कौन सी चीजें भूलकर भी भेंट नहीं करनी चाहिए और क्या देना अत्यंत शुभ माना जाता है:


भूलकर भी न दें ये 3 तरह की वस्तुएं

नुकीली और धारदार चीजें:

कन्या पूजन के उपहारों में कैंची, चाकू, पिन या किसी भी तरह की नुकीली व धारदार वस्तुएं भेंट करने से सख्त बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसी वस्तुएं नकारात्मकता लाती हैं और बाल स्वरूप देवियों के पूजन के लिए अनुचित मानी जाती हैं।

काले रंग की वस्तुएं:

धार्मिक और मांगलिक अनुष्ठानों में काले रंग को अशुभ और नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसलिए कंजकों को उपहार देते समय काले रंग के कपड़े, स्टेशनरी, बैग या जूते-चप्पल देने से बचें। इसके स्थान पर लाल, गुलाबी, पीला या हरा रंग चुनें।

चमड़े (Leather) की वस्तुएं:

चमड़े से बनी वस्तुएं (जैसे पर्स, बेल्ट या जूते) अशुद्ध मानी जाती हैं। पूजा-अनुष्ठान के दौरान कन्याओं को चमड़े से बनी कोई भी चीज भेंट करना शास्त्रसम्मत नहीं माना जाता।

कन्या पूजन में क्या भेंट करना होता है अत्यंत शुभ?

कन्या पूजन के दौरान उपहार की कीमत से ज्यादा श्रद्धा, सम्मान और प्रेम का भाव महत्वपूर्ण होता है। आप अपनी सामर्थ्य के अनुसार निम्नलिखित शुभ वस्तुएं भेंट कर सकते हैं-

  • लाल चुनरी और श्रृंगार सामग्री: मां दुर्गा के प्रतीक स्वरूप कन्याओं को लाल रंग की चुनरी, चूड़ियाँ, रिबन, आलता या छोटी श्रृंगार सामग्री देना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है।
  • शिक्षा से जुड़ी वस्तुएं: बच्चियों की पढ़ाई व ज्ञान के प्रोत्साहन के लिए कॉपी, पेंसिल बॉक्स, रंग, ड्राइंग बुक या ज्ञानवर्धक पुस्तकें देना बहुत शुभ होता है।
  • फल और फलदायी वस्तुएं: भोजन के पश्चात कंजकों को केला, सेब या नारियल जैसा कोई मौसमी फल भेंट करना सुख-समृद्धि का प्रतीक है।
  • उपयोगी वस्त्र और रुमाल: छोटे वस्त्र, सुंदर फ्रॉक, लाल/गुलाबी रुमाल या छोटी जुराबें भेंट की जा सकती हैं।
  • सात्विक दक्षिणा और मिष्ठान: अपनी सामर्थ्य अनुसार दक्षिणा (सिक्का/धन) और घर का बना सात्विक मिष्ठान या सूखा मेवा दें।

(नोट: यह रिपोर्ट पंचांगीय तिथियों, सनातन धर्मशास्त्रों के सिद्धांतों और लोक परंपराओं पर आधारित है।)

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