• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • धर्म
  • व्रत-त्योहार

Navratri 2026: इस बार नवरात्र में अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना, सप्तमी तिथि की वृद्धि से बदला अष्टमी-नवमी का क्रम

11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना को अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेयस्कर बताया जा रहा है। साथ ही पद्म योग के साथ गुरु उच्च राशि क...और पढ़ें

By ramkrashna MuleEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Fri, 02 Oct 2026 11:07:20 AM (IST)Updated Date: Fri, 02 Oct 2026 11:19:26 AM (IST)
Navratri 2026: इस बार नवरात्र में अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना, सप्तमी तिथि की वृद्धि से बदला अष्टमी-नवमी का क्रम
नवरात्र में अभिजीत मुहूर्त में होगी घट स्थापना।

HighLights

  1. नवरात्र में पद्म योग के साथ उच्च राशि में स्थित गुरु होने से बनेगा मंगलकारी काहल योग।
  2. श्रवण नक्षत्र युक्त अपरान्ह व्यापिनी विजयादशमी पर शमी पूजन और रावण दहन होगा।
  3. पूरे नौ दिन छाएगा शक्ति की उपासना का उल्लास, दसवे दिन दशहरे का पर्व मनेगा।

रामकृष्ण मुले, इंदौर। शहरभर में शक्ति की उपासना के पर्व नवरात्र का उल्लास हर ओर नजर आने लगा है। जहां शक्ति के आराधना स्थल पर नौ दिनों में होने वाले विशेष-शृंगार और अनुष्ठानों की रूपरेखा तय हो गई है वहीं गली, मोहल्लो और कालोनियों में दुर्गा महोत्सव समिति एवं गरबा मंडल ने भी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।

इस बीच ज्योतिर्विदों के अनुसार 11 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना को अभिजीत मुहूर्त में करना श्रेयस्कर बताया जा रहा है। साथ ही पद्म योग के साथ गुरु उच्च राशि कर्क में स्थित होने से मंगलकारी काहल योग बनेगा जो साधना में सफलता प्रदान करने वाला है।


11 से 19 अक्टूंबर तक पूरे नौ दिन शक्ति की उपासना के बाद 20 अक्टूंबर को विजया दशमी (दशहरा) होगा।मध्यप्रदेश ज्योतिष एवं विद्वत परिषद के अध्यक्ष आचार्य पंडित रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग के चलते घट स्थापना इसबार अभिजीत मुहूर्त में होगा।

अभिजीत मुहूर्त सुबह 11.44 से 12.31 बजे तक रहेगा। चित्रा पक्षीय अयनांश आधारित पंचांगों ने नवरात्र में सप्तमी तिथि की वृद्धि बताई है। यह 17 अक्टूबर शनिवार से 18 अक्टूबर रविवार को सुबह बजकर 29 मिनट तक रहेगी। पंचांगों ने अष्टमी एवं महानवमी का पर्व १9 अक्टूबर सोमवार को बताया है। हालांकि कुछ पंचांग कर्ताओं ने 18 अक्टूबर रविवार को महाष्टमी एवं 19 सोमवार को महानवमी का पर्व बताया है।

आचार्य शिवप्रसाद तिवारी के अनुसार 20 अक्टूबर मंगलवार को दोपहर 12.49 बजे तक दुर्गा नवमी का बलिदान होगा।इसके बाद श्रवण नक्षत्र युक्त अपरान्ह व्यापिनी विजयादशमी पर शमी पूजन किया जाएगा। इस वर्ष माता का आगमन हाथी पर होगा, जिसे ज्योतिष गणना में समृद्धि दायक बताया गया है।

11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ, इस बार 10 दिन होंगे, सप्‍तमी तिथि नहीं होगी

naidunia_image

सनातन संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान का पर्व

  • ज्योतिर्विद् विनायक शास्त्री के अनुसार वर्ष में चार नवरात्र आते हैं।
  • इसमें दो गुप्त और दो प्रकट नवरात्र है। गुप्त नवरात्र में माता की गुप्त साधना की प्रधानता होती है।
  • शारदीय नवरात्र सनातन संस्कृति में नारी शक्ति के सम्मान का प्रतीक पर्व है।
  • इसमें मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौर और सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
  • पहले दिन कलश स्थापनाकर दवी आव्हान किया जाता है।
  • इसे शुभता और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
  • शक्ति की आराधना के साथ गरबों का उल्लास समाहित है।