भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप को समर्पित है पापांकुशा एकादशी, 23 अक्टूबर को होगा व्रत का पारण
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:13 बजे प्रारंभ हुई और 22 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर गुरुवार को व्रत रख...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Oct 2026 11:31:23 AM (IST)Updated Date: Thu, 22 Oct 2026 11:33:32 AM (IST)
पापांकुशा एकादशीHighLights
- एकादशी तिथि 21 अक्टूबर दोपहर 2:13 बजे से लगी।
- और 22 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी।
- उदयातिथि के आधार पर गुरुवार को व्रत रखा जाएगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, ग्वालियर। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पापांकुशा एकादशी का व्रत 22 अक्टूबर को रखा जाएगा। यह एकादशी भगवान विष्णु के पद्मनाभ स्वरूप को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत, पूजन, दान और भगवान विष्णु के नामों का स्मरण करने से पापों से मुक्ति मिलती है तथा पुण्य की प्राप्ति होती है।
दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी एकादशी तिथि
पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 21 अक्टूबर को दोपहर 2:13 बजे प्रारंभ हुई और 22 अक्टूबर को दोपहर 2:47 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर गुरुवार को व्रत रखा जाएगा। व्रत का पारण शुक्रवार, 23 अक्टूबर को सुबह द्वादशी तिथि में किया जाएगा। पारण से पहले स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।
दान-पुण्य और हरि स्मरण का विशेष महत्व
- धार्मिक मान्यता है कि पापांकुशा एकादशी का व्रत करने से साधक को आध्यात्मिक लाभ मिलता है।
- इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा, विष्णु सहस्रनाम का पाठ, भजन-कीर्तन और रात्रि जागरण करना शुभ माना जाता है।
- जरूरतमंदों को अन्न, तिल, वस्त्र और सामर्थ्य के अनुसार दान देने की भी परंपरा है।
- पौराणिक मान्यताओं में इस व्रत को हजार अश्वमेध यज्ञों के समान पुण्य फल देने वाला बताया गया है।
- साथ ही व्रत और दान-पुण्य से पितरों की सद्गति तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाती है।
- श्रद्धालु इस दिन संयम, सात्विक आहार और धार्मिक कार्यों के माध्यम से भगवान विष्णु की आराधना करते हैं।