यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Shani Rashi Parivartan: 57 साल बाद मीन राशि में बनेगी पंचग्रही युति, सभी राशियों पर पड़ेगा प्रभाव
शनि देव 29 मार्च को शनिश्चरी अमावस्या पर कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि(Saturn Transit in Pisces) में प्रवेश करेंगे। इस राशि परिवर्तन से मीन राशि में 57...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 06 Mar 2025 07:55:08 AM (IST)Updated Date: Fri, 07 Mar 2025 12:37:37 AM (IST)
शनि की पंचग्रही युति इससे पहले सन 1968 में बनी थी। फाइल फोटोHighLights
- शनिश्चरी अमावस्या पर राशि परिवर्तन करेंगे शनिदेव।
- शनि का यह परिवर्तन धर्म अध्यात्म की वृद्धि कराएगा।
- इसी दिन अस्त शनि ग्रह का वापस उदय भी होगा।
नईदुनिया प्रतिनिधि, उज्जैन(Saturn Transit 2025)। न्याय के देवता शनि शनिश्चरी अमावस्या पर 29 मार्च को राशि परिवर्तन करेंगे। शनिदेव कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन से मीन राशि में 57 साल बाद पंचग्रही युति बनेगी।
इसका असर सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, प्राकृतिक रूप से नजर आएगा। विभिन्न राशि के जातकों के लिए भी यह समय उतार चढ़ाव भरा रहेगा। खास बात यह है कि इसी दिन शनि का उदय भी हो रहा है।
शनि एक राशि में ढाई वर्ष का गोचर करते हैं
ज्योतिर्विद पं.अमर डब्बावाला ने बताया वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि की चाल बहुत धीमी है। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्ष गोचर करते हैं। इन दिनों शनि कुंभ राशि में गोचरस्थ हैं, वे 29 मार्च को शनिश्चरी अमावस्या के दिन मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में प्रवेश करते ही शनि यहां अन्य चार ग्रहों से युति बनाएंगे।
1968 में बनी थी पंचग्रही युति
शनि की पंचग्रही युति इससे पहले सन 1968 में बनी थी। अर्थात यह संयोग 57 साल बाद बन रहा है। 29 मार्च को शनि उदय भी हो रहे हैं। शनि का यह परिवर्तन धर्म अध्यात्म की वृद्धि कराएगा। कानून में नए संशोधन होंगे। आम जनमानस का धर्म के प्रति जुड़ाव रहेगा।
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वर्षों में बनते हैं ऐसे संयोग
पं.डब्बावाला ने बताया चैत्र मास की अमावस्या का शनिवार के दिन होने से शनिश्चरी अमावस्या कहलाएगी। इस दिन शनि का उदय भी हो रहा है तथा शनिदेव इस दिन राशि परिवर्तन भी कर रहे हैं। यह भी अपने आप में एक संयोग ही है।
इस दिन चंद्रमा का भी पंचग्रही युति के साथ संबंध बनेगा। इस दिन पितरों के निमित्त तर्पण,पूजन तथा शनिदेव का तेलाभिषेक करना तथा शनि की वस्तुओं का दान करना खास है। जिन जातकों को शनि की साढ़ेसाती व ढैया चल रही है, उन्हें निरंतर शनि की उपासना करना चाहिए।
पूरी दुनिया में होंगे अलग-अलग प्रकार के परिवर्तन
ग्रहों की युति अलग-अलग प्रकार के दिशाओं से जुड़े राष्ट्रों में भी अपने प्रभाव छोड़ती है। पूरी दुनिया भर में अलग-अलग प्रकार से वैचारिक परिवर्तन होंगे। साथ ही मानवीय सभ्यता को सुरक्षित रखने के नए-नए प्रतिकल्प सामने आएंगे।
आधुनिकता को विशेष कर आरंभ पसंद जिंदगी को लोग परिश्रम तथा बौद्धिक परिवर्तन के साथ आगे बढ़ाएंगे। जिससे प्राकृतिक संतुलन की स्थिति बन सके इस संबंध में भी पर्यावरण की दृष्टि से सकारात्मक परिवर्तन होंगे। दुनिया के कोने-कोने में प्राकृतिक व पर्यावरणीय विज्ञान में विशेष शोध एवं सुरक्षा के उपचार के साथ-साथ सहयोगी तकनीक का निर्माण होगा।
इन राशियों पर ऐसा रहेगा प्रभाव
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- मेष : शनि की साढेसाती का पहला ढैया आरंभ होगा अधिक सोचने से बचने की आवश्यकता रहेगी, जल्दबाजी न करें शनि के उपाय करते रहने से अनुकूलता।
- वृषभ: कार्य में प्रगति होगी फिर भी एकदम भरोसा ना रखें नुकसान हो सकता है।
- मिथुन : स्वास्थ्य में सुधार की स्थिति बनेगी, पद प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी तथा आर्थिक पक्ष उत्तम होगा।
- कर्क : शनि की ढैया उतरेगी, मित्रों के माध्यम से लाभ की स्थिति रहेगी, व्यवसाय में आगे बढ़ सकेंगे।
- सिंह : शनि की ढैया लगेगी, रुके कार्य इस दौरान पूर्ण हो सकेंगे, एक बार फिर समय अनुकूल होगा।
- कन्या : सहयोग के लिए मित्र वर्ग व स्वजन आगे आएंगे, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा।
- तुला : शनि की अनुकूलता के लिए विशेष उपचार की आवश्यकता होगी, बड़े पद का लाभ मिलेगा।
- वृश्चिक: सहयोगी क्षेत्र से लाभ तथा कार्य के रास्ते खुलेंगे आर्थिक समस्या का निराकरण होगा।
- धनु : संपत्ति में वृद्धि नए वाहन की प्राप्ति, आर्थिक पक्ष की मजबूती एवं सम्मान में बढ़ोतरी होगी पद प्राप्त हो सकेगा।
- मकर : शनि की साढेसाती समाप्त होगी। राहत का अनुभव होगा कार्य अपनी गति से आगे बढ़ेंगे
- कुंभ : शनि की साढेसाती का अंतिम ढैय्या लाभकारी रहेगा, योजनाओं को मजबूत बनाएं।
- मीन : शनि की साढेसाती का दूसरा ढैय्या लगेगा, स्वास्थ्य पर ध्यान देने की आवश्यकता, परिवार में मांगलिक कार्य होगा।