
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। धनतेरस के साथ पंच पर्व की शुरुआत शुक्रवार (6 नवंबर)को होगी।इस अवसर पर तुला राशि में बुध और शुक्र ग्रह की की युति से लक्ष्मी नारायण के साथ ही प्रीति व अमृत सिद्धि योग में घर-घर समृद्धि का आगमन होगा।
खरीदी के महामुहूर्त इस दिन आरोग्यता के देवता भगवान धनवंतरी, लक्ष्मी-कुबेर के पूजन के साथ प्रदोषवेला में अकाल मृत्यु के भय से दीपदान किया जाएगा। त्रेयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 10.30 से 7 नवंबर को सुबह 10.47 बजे तक बजे तक रहेगी।
हिंदू धर्म में धनतेरस (Dhanteras 2026) के पर्व का विशेष महत्व है। यह दिन धन की देवी माता लक्ष्मी और भगवान धन्वंतरि को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है।
इसी दिन से 5 दिवसीय महापर्व की शुरुआत होती है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस (धनत्रयोदशी) का महापर्व मनाया जाता है।
इस दिन भगवान धन्वंतरि, मां लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर जी की विधिवत पूजा की जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार धनतेरस 6 नवंबर को है। धनतेरस पर खरीदारी करना बेहद शुभ माना जाता है।
- शुभ : दोपहर 12.07 से 01.31 बजे तक।
- लाभ: सुबह 07.59 से 09.21 एवं रात 08.54 से 10.32 बजे तक।
- अमृत : सुबह 09.22से 10.44 बजे तक।
- चर : सुबह 06.35 से 07.58 एवं शाम 4.17 से 5.40 बजे तक।
- शाम 5.40 से रात 7.50 बजे तक।
- सुबह 11.44 से दोपहर 12.32 बजे तक।