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भगवान विष्णु का प्रिय पुरुषोत्तम मास शुरू, 59 दिनों का होगा ज्येष्ठ माह, 29 जून तक चलेंगे धार्मिक अनुष्ठान

हिंदू पंचांग का तीसरा ज्येष्ठ माह इस वर्ष 59 दिनों का है। इसका कारण तीन वर्ष में एक बार आने वाले भगवान विष्णु का प्रिय अधिकमास के साथ इसका संयोग होना ...और पढ़ें

By ramkrashna MuleEdited By: Dheeraj Belwal
Publish Date: Mon, 04 May 2026 09:12:29 PM (IST)Updated Date: Mon, 04 May 2026 09:12:28 PM (IST)
भगवान विष्णु का प्रिय पुरुषोत्तम मास शुरू, 59 दिनों का होगा ज्येष्ठ माह, 29 जून तक चलेंगे धार्मिक अनुष्ठान
32 माह बाद जुड़ा एक अतिरिक्त महीना।

HighLights

  1. सौर और चंद्र वर्ष की गणना का कमाल
  2. 32 माह बाद जुड़ा एक अतिरिक्त महीना
  3. खास है इस बार का 'ज्येष्ठ अधिकमास'

नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। हिंदू पंचांग का तीसरा ज्येष्ठ माह इस वर्ष 59 दिनों का है। इसका कारण तीन वर्ष में एक बार आने वाले भगवान विष्णु का प्रिय अधिकमास के साथ इसका संयोग होना है। इसके चलते ज्येष्ठ माह 2 मई से शुरू होकर 29 जून तक रहेगा। इसके बीच 17 मई से 15 जून तक का समय ज्येष्ठ अधिकमास कहलाएगा। इससे पहले 2023 में श्रावण अधिकमास आया था। अधिकमास के चलते मई के बाद आने वाले 2026 के तीज-त्योहार भी 15 से 20 दिन आगे खिसक गए हैं।

धार्मिक अनुष्ठान और मंदिरों में तैयारियां

मान्यता है कि अधिकमास में किए गए धार्मिक अनुष्ठान का फल कई गुना प्राप्त होता है। इसके चलते इस दौरान मठ-मंदिर और आश्रम में कई आयोजन होंगे। अन्नपूर्णा मंदिर, गीता भवन, इस्कॉन मंदिर में इस अवसर पर विभिन्न आयोजन होंगे। साथ ही इसकी तैयारियां विभिन्न संगठनों द्वारा भी व्यापक स्तर पर की जा रही हैं। ज्योतिर्विद् विनायक चतुर्वेदी के अनुसार, हिंदू पंचांग में अधिकमास का विशेष महत्व है। इस माह को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।


पंचांग की गणना और अधिकमास का विज्ञान

ऐसा संयोग तीन वर्ष के बाद बनता है। यह माह अचानक प्रारंभ नहीं होता बल्कि पंचांग की गणना के अनुसार जुड़ता है। सौर वर्ष में लगभग 365 जबकि चंद्र वर्ष में करीब 354 दिन होते हैं। इस तरह हर साल 11 दिनों का अंतर बन जाता है। यह अंतर धीरे-धीरे बढ़ते हुए करीब 32 महीने 16 दिन में एक महीने के बराबर हो जाता है। तब पंचांग का एक महीना जोड़ा जाता है। इस अतिरिक्त महीने को पुरुषोत्तम मास कहा जाता है।

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श्रीमद् भागवत, पुरुषोत्तम साधना महोत्सव सहित होंगे कई आयोजन

  • हनुमत महायज्ञ एवं श्री राम कथा का आयोजन कैट रोड स्थित हरिधाम पर 22 मई से होगा। महायज्ञ में 11 लाख आहुतियां दी जाएंगी।
  • माहेश्वरी साढ़े सात सौ पंचायती ट्रस्ट जानकी नाथ मंदिर द्वारा 108 श्रीमद् भागवत का आयोजन मंदिर के स्थान पर महेश मांगलिक भवन, महेश नगर में होगा।
  • मध्य क्षेत्र माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा 17 से 22 मई तक पुरुषोत्तम साधना महोत्सव का आयोजन स्वामी विष्णु प्रपन्नाचार्य महाराज के सान्निध्य में छत्रीबाग स्थित लक्ष्मी-वेंकटेश देवस्थान पर होगा।
  • माहेश्वरी डीडवाना महिला मंडल 140 घर द्वारा भगवान के दिव्य कल्याण महोत्सव 23-24 मई को आयोजित किया जाएगा।
  • अन्नपूर्णा क्षेत्र माहेश्वरी महिला संगठन द्वारा गंगा अमृत महोत्सव का आयोजन 26 से 28 मई तक विट्ठल रुक्मिणी गार्डन पर संपन्न होगा।
  • माहेश्वरी महिला संगठन संयोगितागंज द्वारा 1 से 5 जून तक माहेश्वरी भवन संयोगितागंज में तिरुपति बालाजी की कथा आयोजित की जाएगी। इसमें भगवान तिरुपति बालाजी की कथा का महात्म्य होगा।