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महाकाल लोक में गुलाबी पत्थरों की नक्काशी, 108 भव्य स्तंभ और शिव पुराण की झलक… हर मूर्ति की अपनी कहानी

उज्जैन का 'श्री महाकाल लोक' अपनी अद्भुत वास्तुकला और डिजिटल व्यवस्था के लिए प्रसिद्ध है। यहां श्रद्धालु बिना किसी गाइड के सिर्फ QR कोड स्कैन करके या ऑ...और पढ़ें

By Akriti KumariEdited By: Akriti Kumari
Publish Date: Sat, 18 Jul 2026 06:03:53 PM (IST)Updated Date: Sat, 18 Jul 2026 07:03:59 PM (IST)
महाकाल लोक में गुलाबी पत्थरों की नक्काशी, 108 भव्य स्तंभ और शिव पुराण की झलक… हर मूर्ति की अपनी कहानी
महाकाल लोक में भगवान शिव के विविध स्वरूपों की मूर्तियां सजाई गई है। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. महाकाल लोक त्रिपुरारी और काल भैरव जैसी हर मूर्ती के आगे QR Code लगाए गए हैं
  2. 20.25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले और 920 मीटर लंबे इस कॉरिडोर में डिजिटल व्यवस्था उपलब्ध हैं
  3. महाकाल लोक को देश के पहले नाइट गार्डन के रूप में बनाया गया है

धर्म डेस्क, मध्यप्रदेश। उज्जैन का श्री महाकाल लोक अपनी भव्य वास्तुकला, विशाल मूर्तियों और शिव पुराण पर आधारित मूर्तियों केलिए जाना जाता है। यहां की हर मूर्ती भगवान शिव के किसी न किसी स्वरूप और उनसे जुड़ी पौराणिक कथा को दर्शाती है। खास बात यह है कि इन मूर्तियों के इतिहास और महत्व को जानने के लिए किसी गाइड की जरूरत नहीं पड़ती।

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त्रिपुरारी और काल भैरव जैसे स्वरूपों के दर्शन

महाकाल लोक में भगवान शिव के कई दिव्य रूपों को दर्शाया गया है।

  • त्रिपुरारी: भगवान शिव का वह स्वरूप, जिन्होंने देवताओं की रक्षा के लिए असुरों के तीन अभेद्य नगरों यानी त्रिपुर का एक ही बाण से विनाश किया था।
  • काल भैरव: भगवान शिव का उग्र और रक्षक स्वरूप, जो समय (काल), भय और न्याय का प्रतीक माना जाता है।

इनके अलावा भी यहां कई मूर्तीएं भगवान शिव की महिमा और पौराणिक प्रसंगों को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती हैं।

QR कोड स्कैन करते ही मिलेगी पूरी जानकारी

महाकाल लोक की सबसे खास व्यवस्था यह है कि परिसर में लगी हर मूर्ती के सामने QR कोड लगाया गया है। श्रद्धालु अपने मोबाइल से इस कोड को स्कैन करके मूर्ती का इतिहास, उससे जुड़ी कथा और धार्मिक महत्व अपनी पसंदीदा भाषा में पढ़ और सुन सकते हैं। स्कैन करने के बाद सबसे पहले भाषा चुनने का ऑप्शन मिलता है, जिसके बाद पूरी जानकारी मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाती है।


इस व्यवस्था का उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथाओं से आधुनिक तकनीक के माध्यम से जोड़ना है।

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बिना गाइड भी कर सकते हैं पूरा भ्रमण

करीब 20.25 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले और लगभग 920 मीटर लंबे महाकाल लोक में घूमने के लिए किसी गाइड की आवश्यकता नहीं होती। यहां की डिजिटल व्यवस्था श्रद्धालुओं को हर मूर्ती और स्थल की जानकारी खुद ही उपलब्ध करा देती है। यहां प्रशासन ने उन श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की है, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है।

ऐसे श्रद्धालुओं को न्यूनतम शुल्क पर ऑडियो डिवाइस उपलब्ध कराया जाता है। इस डिवाइस की मदद से भी मूर्तीओं और महाकाल लोक से जुड़ी जानकारी सुनी जा सकती है, जिससे हर व्यक्ति इस धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को आसानी से समझ सके।

एक साथ लाखों श्रद्धालुओं की जगह

श्री महाकाल लोक में एक समय में करीब दो लाख श्रद्धालु दर्शन और भ्रमण कर सकते हैं। इसे देश के पहले नाइट गार्डन के रूप में भी विकसित किया गया है। यहां श्रद्धालु रात के समय भी परिसर की भव्यता और आध्यात्मिक वातावरण का आनंद ले सकते हैं।

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