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आखिर क्यों हर साल बदलती है दीपावली की तारीख, 19 साल के खगोलीय चक्र में छिपा है गणित

आखिर क्यों हर साल बदलती है दीपावली की तारीख, 19 साल के खगोलीय चक्र में छिपा है गणित

By anjali tomarEdited By: Navodit Saktawat
Publish Date: Sun, 08 Nov 2026 11:54:57 AM (IST)Updated Date: Sun, 08 Nov 2026 11:58:50 AM (IST)
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आखिर क्यों हर साल बदलती है दीपावली की तारीख, 19 साल के खगोलीय चक्र में छिपा है गणित
दीपावली की तारीख और पंचांग।

HighLights

  1. 1986 से 2036 तक के 51 वर्षों के विश्लेषण में
  2. 26 बार अक्टूबर और 25 बार नवंबर में मनाई गई दीपावली
  3. विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने समझाया तारीखों का 50-50 फार्मूला

नवदुनिया प्रतिनिधि, भोपाल। हर साल दीपावली की तारीख बदलती है। कभी अक्टूबर में तो कभी नवंबर में यह पर्व मनाया जाता है। इसके पीछे कोई संयोग नहीं, बल्कि खगोलीय गणना और पंचांग का विज्ञान है। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने वर्ष 1986 से 2036 तक की दीपावली की तारीखों का विश्लेषण कर इसका रोचक गणित समझाया है।

सारिका के अनुसार, 51 वर्षों के इस कालखंड में 26 बार दीपावली अक्टूबर और 25 बार नवंबर में मनाई जाएगी। यानी दोनों महीनों में दीपावली आने का अनुपात लगभग 50-50 प्रतिशत है। इस दौरान सबसे जल्दी दीपावली 17 अक्टूबर को और सबसे देरी से 14 नवंबर को मनाई गई है।


उन्होंने बताया कि अंग्रेजी कैलेंडर सूर्य की गति पर आधारित है, जिसमें वर्ष 365 दिन का होता है, जबकि हिंदू पंचांग चंद्र-सौर गणना पर आधारित है। चंद्र वर्ष लगभग 354 दिनों का होने से दोनों में हर साल करीब 11 दिनों का अंतर आ जाता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए लगभग हर तीसरे साल अधिकमास जोड़ा जाता है।

इसी गणित से करीब 19 वर्षों का एक चक्र बनता है, जिसमें दीपावली की तारीख लगभग उसी स्थिति में लौट आती है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2001 में दीपावली 14 नवंबर को थी और 19 साल बाद 2020 में भी इसी तारीख को मनाई गई।

सारिका के अनुसार, तारीखों का यह बदलाव मौसम और पर्यावरण पर भी असर डालता है। अक्टूबर में दीपावली होने पर मानसून के बाद नमी और गर्मी रहती है, जबकि नवंबर में ठंड और कोहरे के कारण पटाखों का धुआं स्माग की समस्या बढ़ा सकता है।

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