
स्पोर्ट्स डेस्क, ग्वालियर। संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर की मेजबानी में शुक्रवार से 70वीं राज्य स्तरीय शालेय बालिका अंडर-19 क्रिकेट प्रतियोगिता शुरू हुई। प्रतियोगिता 23 से 28 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी। पहले दिन कैप्टन रूपसिंह स्टेडियम में दो मुकाबले खेले गए, जिसमें ग्वालियर ने नर्मदापुरम को 111 रन से हराकर शानदार शुरुआत की। वहीं भोपाल ने जबलपुर को हराया। लेकिन खेल से ज्यादा चर्चा आयोजन में सामने आई अव्यवस्थाओं और विवादों की रही।
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प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष दुर्गेश कुंवर सिंह के मुख्य आतिथ्य में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता देवेंद्र प्रताप सिंह तोमर ने की। इस अवसर पर जीडीसीए सचिव विजय प्रकाश शर्मा, डीपीआई पर्यवेक्षक देवेश शर्मा और संयुक्त संचालक लोक शिक्षण संभाग ग्वालियर हरिओम चतुर्वेदी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत सहायक संचालक खेल आरके सिंह, कक्ष प्रभारी संदीप शर्मा और जिला क्रीड़ा प्रभारी सुनील साहू ने किया। संचालन अर्चना सागर और सुनीता पाठक ने किया।
पहले दिन सबसे बड़ा विवाद एमपीसीए की सीनियर महिला टीम चयन समिति की सदस्य हेमा राजनगांवकर की कथित उपेक्षा को लेकर रहा। हेमा, जो खेल विभाग के साथ मिलकर ग्वालियर में बालिका क्रिकेटरों को तैयार कर रही हैं, उन्होंने आयोजन समिति के सदस्य संदीप शर्मा सहित शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया।
उनका कहना था कि अपने ही शहर में इतनी बड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता हो रही है, लेकिन उन्हें सम्मानपूर्वक आमंत्रित करना तो दूर, मंच पर बुलाने की जरूरत भी नहीं समझी गई। वह मंच के सामने बैठी रहीं, लेकिन उन्हें कोई तवज्जो नहीं दी गई।
हेमा ने कहा कि जब ग्वालियर में महिला क्रिकेट की इतनी बड़ी प्रतियोगिता हो रही है, तब उन्हें आमंत्रित नहीं किया जाएगा तो आखिर कब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उन्हें दिखावे से ज्यादा काम पर भरोसा है और वह अपने काम में जुटी रहेंगी।
उन्होंने बताया कि ग्वालियर संभाग की शालेय टीम के कोच को लेकर जब उन्होंने संदीप शर्मा से चर्चा की तो उन्होंने कहा कि वह दिखाई ही नहीं देतीं। हेमा ने सवाल उठाया कि क्या उन्हें अपनी पहचान बताने के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने चाहिए या खिलाड़ियों को तैयार करने पर ध्यान देना चाहिए। एमपीसीए जैसी प्रदेश की सर्वोच्च क्रिकेट संस्था में उन्हें जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन अपने ही शहर में उनकी भूमिका को नजरअंदाज किया जा रहा है।
हेमा राजनगांवकर के अनुसार, उन्होंने ग्वालियर संभाग की टीम के कोच के रूप में सिंधिया कन्या विद्यालय की कोच शुभांक्षी मुकरिया का नाम सुझाया था, लेकिन उनके प्रस्ताव पर सहमति नहीं बनी। पहले दिन के मुकाबले में शिक्षा विभाग के जितेंद्र यादव को कोच की जिम्मेदारी निभाते देखा गया। ग्वालियर की टीम में शुभांक्षी की चार शिष्य खिलाड़ी भी शामिल हैं।
विवादों के बीच मैदान पर ग्वालियर की टीम ने शानदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए ग्वालियर ने निर्धारित 15 ओवर में 3 विकेट पर 140 रन बनाए। आदिति तिवारी ने 60 रन की अर्धशतकीय पारी खेली, जबकि गौरी ने 41 रन बनाकर नाबाद रहते हुए टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में नर्मदापुरम की टीम 9.5 ओवर में महज 31 रन पर सिमट गई। ग्वालियर ने 111 रन के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।