
दुबई। विश्व कप को लेकर भारत की सुरक्षा पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बीसीसीआई को सुरक्षा का वादा किया है। वहीं पूर्व भारतीय कप्तान अनिल कुंबले आईसीसी क्रिकेट कमेटी के चेयरमैन पद पर दोबारा से चुन लिए गए। यह फैसले आईसीसी की त्रैमासिक बैठक में लिया गया। हालांकि आतंक को फैलाने वाले देशों (पाकिस्तान) के क्रिकेट से बहिष्कार की भारत की मांग पर चर्चा नहीं हुई।
बैठक में बीसीसीआई की आंतकवाद में सम्मिलित रहने वाले देशों के बहिष्कार वाली अपील पर कोई चर्चा नहीं हुई। बीसीसीआई ने अपन पत्र में पाकिस्तान का नाम नहीं लिया था, लेकिन आईसीसी पहले ही यह बता चुकी थी कि नियम के मुताबिक पाकिस्तान पर प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल नहीं उठता है। पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के प्रति बहुत नाराजगी है। आईसीसी के अनुसार किसी देश पर प्रतिबंध का फैसला सरकारें लेती हैं, यह आईसीसी नहीं ले सकती।
इस बीच बीसीसीआई ने पुलवामा आतंकवादी हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों के शहीद हो जाने के बाद विश्व कप में अपने खिलाड़ियों की सुरक्षा पर चिंता जाहिर की थी। यह मामला आईसीसी चीफ एक्जीक्यूटिव बैठक में उठाया गया, जहां ईसीबी के सीईओ ने बीसीसीआई सीईओ राहुल जौहरी को सुरक्षा का पूरा आश्वास दिया। आईसीसी सीईओ डेविड रिचर्डसन ने कहा कि आईसीसी ने ईसीबी के साथ साझेदारी में पुरुष विश्व कप के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं। खिलाड़ियों, अधिकारियों और प्रशंसकों की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है। अगर जांच एजेंसियों से हमें किसी भी प्रकार की सूचना मिलती है, तो हम अपनी सुरक्षा के प्रबंध और भी ज्यादा मजबूत कर लेंगे। हम ईसीबी के साथ कार्य जारी रखेंगे, जिससे कि टूर्नामेंट में किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटा जा सके।
हालांकि आईसीसी को विश्व डोपिंग रोधी संस्था को भारत में राष्ट्रीय डोपिंग रोधी संस्था के साथ आ रही मुश्किलों से भी अवगत कराया गया। आईसीसी को बताया गया कि वाडा बीसीसीआई के साथ काम करने को तैयार है। उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने पहले ही नाडा के तहत काम करने से इंकार कर दिया था, क्योंकि वह राष्ट्रीय खेल फेडरेशन के अधीन नहीं आती है।