
किरण वाईकर, इंदौर। न्यूजीलैंड के ट्रेंट बोल्ट ने विश्व कप ग्रुप 'ए' मैच में शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शानदार गेंदबाजी की। इस मैच के दौरान उनके द्वारा डाले गए दूसरे स्पैल ने 1986 में शारजाह में चैंपियंस ट्रॉफी में वेस्टइंडीज के कोर्टनी वॉल्श द्वारा डाले गए स्पैल की यादें ताजा करवा दी।
बोल्ट ने परंपरागत प्रतिद्वंद्वी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस मैच में 10 ओवरों में 27 रन देकर 5 विकेट लिए। लेकिन बोल्ट पहले स्पैल के 5 ओवरों में एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। बोल्ट ने पहले स्पैल में 5 ओवरों में 24 रन दिया था, लेकिन वे एक भी विकेट नहीं ले पाए थे। बोल्ट ने दूसरे स्पैल में 5 ओवरों में 3 ओवर मेडन डाले और तीन रन देते हुए 5 विकेट हासिल किए।
बोल्ट ने दूसरे स्पैल में धमाल मचाया
बोल्ट जब दूसरा स्पैल डालने आए उस वक्त अच्छी शुरुआत के बाद लड़खड़ाने की वजह से ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 4 विकेट पर 96 रन हो चुका था। कप्तान ब्रेंडन मॅक्कुलम ने 18वें ओवर में बोल्ट को पुन: गेंद सौंपी और उन्होंने कंगारूओं की पारी को ध्वस्त कर दिया। बोल्ट ने इसी ओवर में ग्लेन मैक्सवेल (1) और मिचेल मार्श (0) को बोल्ड किया और एक वाइड गेंद डाली। उन्होंने अपने अगले ओवर में माइकल क्लार्क (12) को विलियम्सन के हाथों झिलवाया। बोल्ट ने पारी का 22वां ओवर मेडन डालते हुए मिचेल जॉनसन (1) और मिचेल स्टार्क (0) को चलता किया।
बोल्ट द्वारा डाले गए दूसरे स्पैल (5-3-3-5) ने वेस्टइंडीज के कोर्टनी वॉल्श द्वारा शारजाह में चैंपियंस ट्रॉफी के दौरान 3 दिसंबर 1986 को श्रीलंका के खिलाफ डाले खतरनाक स्पैल की याद ताजा कर दी। वॉल्श ने उस मैच में 4.3 ओवरों में 3 ओवर मेडन डालते हुए 1 रन देकर 5 विकेट लिए थे।
वॉल्श ने एक रन देकर लिए थे 5 श्रीलंकाई विकेट
वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी कर रिची रिचर्डसन के शतक (109) की मदद से 5 विकेट पर 248 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की आधी टीम 50 रनों के अंदर पैवेलियन लौट चुकी थी। इसके बाद कप्तान विवियन रिचर्ड्स ने गेंद वॉल्श को सौंपी। उन्होंने कप्तान दुलीप मेंडिस (2) को विकेटकीपर जैफ डुजॉन के हाथों झिलवाया। इसके बाद असांथा डीमेल (0) के डंडे बिखेरे। वॉल्श यही पर नहीं थमे और उन्होंने रवि रत्नायके को खाता भी नहीं खोलने दिया। वॉल्श ने इसके बाद रूमेश रत्नायके (0) के डंडे बिखेरे। उन्होंने इसके बाद ग्रीम लेबरॉय (1) को बोल्ड कर श्रीलंकाई पारी को 55 रनों पर समेट दिया। वॉल्श के 4.3-3-1-5 के स्पैल को वन-डे क्रिकेट इतिहास के सबसे खतरनाक स्पैल के रूप में याद किया जाता है।