
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। भारत और न्यूजीलैंड के बीच इंदौर में होने वाले आगामी वनडे मैच के लिए मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (एमपीसीए) ने टिकट बिक्री की तारीख और टिकटों के कीमत की घोषणा कर दी है। इस बार टिकटों के कीमत में एमपीसीए ने बढ़ोतरी की है और प्रशंसकों को मैच का आनंद उठाने के लिए ज्यादा कीमत चुकानी होगी। बता दें कि न्यूजीलैंड और भारत के बीच इंदौर में सीरीज का तीसरा और अंतिम वनडे मैच 18 जनवरी को खेला जाएगा।
सीरीज के पहले दो मैच 11 जनवरी को बड़ौदा में और 14 जनवरी को राजकोट में खेले जाने हैं। एमपीसीए के अनुसार, होलकर स्टेडियम में होने वाले इस मैच के लिए टिकटों की बिक्री शनिवार तीन जनवरी से ऑनलाइन की जाएगी। इन टिकटों की बिक्री सुबह पांच बजे से शुरू होगी और टिकट की उपलब्धता तक जारी रहेगी। इस बार मैच के सभी टिकटों की बिक्री ऑनलाइन तरीके से ही की जाएगी। प्रशंसक इन टिकटों को डिस्ट्रिक्ट एप या www.district.in वेबसाइट के माध्यम से खरीद सकेंगे।
साथ ही एमपीसीए ने टिकटों की कीमत भी जारी की है, जिनमें सबसे सस्ता टिकट 800 रुपये का ईस्ट स्टैंड (लोअर-चेयर्स) का है। वहीं सबसे महंगा टिकट साउथ पैवेलियन (लोअर हास्पीटलिटी) का है, जिसके लिए नौ हजार रुपये चुकाने होंगे। एक बार में एक व्यक्ति अधिकतम चार टिकट ही खरीद सकेगा। ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने के बाद कूरियर के द्वारा प्रशंसक तक टिकट पहुंचाया जाएगा। तीन वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों के लिए भी टिकट लगेगा और उन्हें स्टेडियम में अलग सीट उपलब्ध कराई जाएगी।
इंदौर वनडे के लिए बुधवार को दिव्यांगजनों और स्टूडेंट कंसेशन के टिकट वेबसाइट डिस्ट्रिक्ट पर आनलाइन बुकिंग के लिए रखे गए थे, लेकिन दो मिनट के अंदर साइट की स्थिति क्रैश होने जैसी हो गई। दो मिनट के बाद साइट व एप पर टिकट खरीदारों को टिकट उपलब्ध नहीं हो सके और साइट खुलना बंद हो गई थी।
यह स्थिति उस समय है जबकि दिव्यांगजनों व स्टूडेंट कंसेशन के टिकटों की संख्या बहुत कम है। जब तीन जनवरी को विभिन्न गैलेरी व स्टैंड्स के टिकटों की बिक्री होगी, तो इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए डिस्ट्रिक्ट को व्यवस्था सही करना होगी।

एमपीसीए ने दिव्यांगजनों और स्टूडेंट कंसेशन के लिए कुल 1500 टिकट बुकिंग के लिए रखे थे। जहां तक साइट के दो मिनट में ही बंद होने की बात है, ऐसा कुछ नहीं हुआ। सभी टिकटों की बुकिंग में करीब छह से आठ मिनट लगे, तब तक टिकट बुकिंग के लिए उपलब्ध थे। - रोहित पंडित, सीएओ, एमपीसीए