कपीश दुबे, इंदौर । आइपीएल भले ही देश की सरहदों के बाहर हो रहा हो, भले ही इसमें मप्र की कोई टीम न हो, लेकिन डंका मप्र के शहर इंदौर का बज रहा है। इसका कारण यहां के युवाओं का प्रदर्शन है। कोलकाता नाइटराइडर्स को फाइनल में पहुंचाने वाले वेंकटेश अय्यर का बल्ला आग उगल रहा है तो दिल्ली कैपिटल्स के तेज गेंदबाज आवेश खान अपनी तूफानी गेंदों से लीग में सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में दूसरे स्थान पर है। दोनों इंदौर से ताल्लुक रखते हैं। यही नहीं लीग में अंपायरिंग का जिम्मा भी इंदौर के युवा नितिन मेनन ही संभाल रहे हैं और बीसीसीआई ने सबसे अहम मुकाबले यानी फाइनल में भी नितिन को नियुक्त किया है।

मात्र 20 लाख के आधार मूल्य पर कोलकाता टीम से जुड़े वेंकटेश ने मात्र नौ मैच खेले हैं और तीन अर्धशतक लगाए हैं। इस मामले में वे लीग के शीर्ष 10 बल्लेबाजों में शामिल हैं। शीर्ष 10 में वे सबसे कम मैच खेलने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक नौ मैचों में कुल 320 रन बनाए हैं। कोलकाता नाइटराइडर्स ने लीग के पहले सत्र में वेंकटेश को मौका नहीं दिया था। यदि शुरू से मौका मिलता तो उनका रिकार्ड ज्यादा बेहतर होता। वेंकटेश की जोरदार बल्लेबाजी को देखते हुए बीसीसीआइ ने उन्हें टी-20 विश्व कप के लिए हार्दिक पांड्या के कवर के रूप में शामिल किया है।

इसी तरह इंदौर के आवेश खान भी अपनी तूफानी गेंदों से छाए हुए हैं। आवेश लीग में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर हैं। उन्होंने 16 मैचों में 24 विकेट लिए हैं। दुनिया के शीर्ष तेज गेंदबाज कहलाने वाले जसप्रीत बुमराह और मुहम्मद शमी भी आवेश से पीछे हैं। बुमराह ने 14 मैचों में 21 विकेट जबकि शमी ने 14 मैचों में 19 विकेट लिए हैं। आवेश के प्रदर्शन को देखते हुए बीसीसीआइ ने उन्हें टी-20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम के साथ रुकने को कहा है। उन्हें बतौर नेट गेंदबाज टीम इंडिया के बल्लेबाजों की मदद करना होगी।

गेंद और बल्ले के अलावा अंपायरिंग में भी इंदौर के युवा नितिन मेनन छाए हुए हैं। आइपीएल के फाइनल में इंदौर के नितिन ही मैदानी अंपायर होंगी। बीसीसीआई ने लीग के सबसे महत्वपूर्ण मैच का फैसला सुनाने के लिए लगातार तीसरे साल नितिन को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इसके अलावा नितिन टी-20 विश्व कप के लिए भी भारत से एकमात्र अंपायर हैं।

Posted By: Sameer Deshpande