
दुबई। क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंडुलकर का मानना है कि विराट कोहली की सफलता का राज उनका सीधे बल्ले से खेलना और और अपनी तकनीक से समझौता किये बिना तीनों प्रारुपों में के लिए अपनी रणनीति तैयार करना है।
तेंडुलकर ने ‘गल्फ न्यूज' को दिए साक्षात्कार में कहा, 'विराट सीधे बल्ले से खेलता है और कुछ अच्छे क्रिकेट शॉट खेलकर रन बनाता है। वह एक विशिष्ट प्रतिभा का धनी है और वह अपने खेल पर काफी मेहनत करता है। उसका अनुशासन और प्रतिबद्धता अनुकरणीय है। वह अपनी तकनीक से समझौता किए बिना खेलता है। इसके साथ ही वह मानसिक रुप से बहुत मजबूत है और दबाव के हालात का अच्छी तरह सामना करता है।'
तेंडुलकर ने इंडियन प्रीमियर लीग में क्रिकेट के स्तर की काफी तारीफ की और उनका मानना है कि हालिया समय में इसका स्तर उंचा हुआ है। उन्होंने कहा, 'आईपीएल में प्रतिस्पर्धा का स्तर लगातार बढ रहा है। हमने पिछले दो सत्र में देखा कि पूल के अंतिम मैच से अंतिम तालिका और नॉकआउट चरण की टीमों का पता चला। यह अच्छा टूर्नामेंट है जिसमें शुरू से लेकर आखिर तक दिलचस्पी का स्तर बरकरार रहता है।' टी-20 मनोरंजन का खेल है जिसमें दर्शक चौके और छक्के लगते देखना चाहते हैं और तेंडुलकर को लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में गेंदबाजों के लिए भी कुछ होना चाहिए।
तेंडुलकर ने कहा, 'मेरा मानना है कि टेस्ट क्रिकेट का अपना विशिष्ट मुकाम है। मुझे यह भी लगता है कि इस प्रारुप को गेंदबाजों के मुफीद होना चाहिए। अन्य प्रारुप ज्यादातर बल्लेबाजों के लिए फायदेमंद होते जा रहे हैं इसलिए टेस्ट क्रिकेट को संतुलन बनाना चाहिए।'