
मल्टीमीडिया डेस्क। डेविड वॉर्नर ने आईपीएल-9 में सनराइजर्स हैदराबाद का प्रेरणादायी नेतृत्व करते हुए टीम को पहली बार खिताबी सफलता दिलाई। वॉर्नर ने न केवल बल्लेबाजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया, वरन युवा और अनुभवी खिलाड़ी को सितारों रहित टीम को एकजुटता के साथ सफलता की मंजिल पर चढ़ाया। यह आईपीएल वॉर्नर के करियर में अहम पड़ाव साबित होगा, क्योंकि उन्होंने अपनी नेतृत्व क्षमता से सभी का दिल जीता।
आईपीएल-9 की शुरुआत से पहले किसी ने भी इस टीम की खिताब जीतने की उम्मीद नहीं की थी। टीम में कोई सितारा खिलाड़ी नहीं था, इसके बावजूद टीम ने इस आईपीएल अभियान के दौरान हर जगह अपना परचम लहराया। टीम को कई खिलाड़ियों की चोट के रूप में कई झटके भी लगे, लेकिन सका अभियान प्रभावित नहीं हुआ।
टीम का तेज गेंदबाजी आक्रमण लीग में सबसे खतरनाक था। अनुभवी आशीष नेहरा, भुवनेश्वर कुमार और युवा मुस्ताफिजुर रहमान की तेज गेंदबाजों की तिकड़ी ने सभी टीमों के बल्लेबाजों को शुरू से अंत तक परेशान रखा। नेहरा चोट की वजह से कुछ मैचों में नहीं खेल पाए तो युवा बरिंदर सरन ने उनकी जगह भरने की कोशिश की। मुस्ताफिजुर ने डेथ ओवरों के कातिलाना गेंदबाजी की और लीग के इमर्जिंग प्लेयर चुने गए तो भुवी ने 23 विकेटों के साथ पर्पल कैप हासिल की।
विराट कोहली के बाद यदि किसी के बल्ले की आईपीएल में धूम थी तो वे वॉर्नर थे। उन्होंने 17 मैचों में 60.57 की औसत से और 151.42 के स्ट्राइक रेट से 848 रन बनाए। उन्होंने 9 अर्द्धशतकीय पारियां खेली, जिनमें से 6 उन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम को जीत दिलाने के दौरान खेली। वैसे वॉर्नर को बल्लेबाजी में उस तरह की मदद नहीं मिल पा रही थी, जैसे आरसीबी के कप्तान विराट को एबी डी'विलियर्स जैसे खिलाड़ियों से मिल रही थी। वैसे वॉर्नर ने युवा बेन कटिंग पर भरोसा जताया और उन्होंने अंतिम दोनों मैचों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वॉर्नर धूम मचा रहे थे, इसके बावजूद उन्होंने फाइनल में रविवार को आरसीबी के खिलाफ टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का चौंकाने वाला निर्णय लिया।
जब उनसे इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा था गेंदबाजी हमारी ताकत है, इसलिए हम लक्ष्य का बचाव करना पसंद करेंगे। उन्होंने यह भी कहा था कि लक्ष्य हासिल करना आरसीबी की ताकत है, लेकिन हम अपनी ताकत के मद्देनजर खेलेंगे। 208 रनों का विशाल स्कोर बनाने के बाद जब आरसीबी के क्रिस गेल और विराट कोहली बल्लेबाजी कर रही थी तब घरेलू टीम आसानी से लक्ष्य हासिल करती नजर आ रही थी, लेकिन वॉर्नर ने संयम नहीं खोया था। वे पूरे संयम के साथ सही समय का इंतजार कर रहे थे और उनके गेंदबाजों ने उन्हें निराश नहीं किया।