
नई दिल्ली। अनुभवी भारतीय स्पिनर हरभजनसिंह का मानना है कि चीफ कोच अनिल कुंबले और कप्तान विराट कोहली को अपने घर में मैच जीतने के लिए स्पिनरों की मददगार पिचों की आवश्यकता नहीं होगी। भज्जी के अनुसार टीम इंडिया नए युग में प्रवेश कर रही है और स्पिनरों की मददगार पिचों की नीति कई बार खुद उसे भारी पड़ रही है।
भारत को आगामी सत्र में अपने देश में 13 टेस्ट मैच खेलने है और इसकी शुरुआत 22 सितंबर से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के साथ होगी। उन्होंने कहा, ‘पिछले चार-पांच वर्षों से पुराना टीम प्रबंधन ऐसी पिचें चाहता था जिन पर मैच तीन दिनों में खत्म हो जाए। लेकिन मेरा मानना है कि अनिल भाई और विराट सकारात्मक मानसिकता रखते हैं और वे अच्छी पिचों पर टेस्ट मैच खेलना चाहेंगे, जहां चौथी पारी या पांचवें दिन लंच के बाद मैच का फैसला होगा।
यह भी पढ़ें : भारत के खिलाफ वन-डे सीरीज के लिए इस खिलाड़ी की NZ टीम में वापसी
भज्जी ने कहा, हमें बड़े परिदृश्य के बारे में सोचकर निर्णय लेना चाहिए। ढाई या तीन दिनों में मिली जीत से हमें क्या हासिल होगा। पिछली घरू सीरीज में हमारे बल्लेबाज भी दक्षिण अफ्रीकी स्पिनरों के खिलाफ संघर्षरत थे, क्या हमने उनके साथ न्याय किया था। भारत की तरफ से तीसरे ज्यादा विकेट लेने वाले स्पिनर भज्जी ने कहा, ‘हम इसे टेस्ट क्रिकेट को क्यों कहते हैं, क्योंकि इसमें पहले से पांचवें दिन कौशल का परीक्षण होता है। इसमें सभी पक्षों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलना चाहिए।
यह भी पढ़ें : 51 वर्षों से कायम यह रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाया कोई भारतीय गेंदबाज