
बैंकॉक। अमित पंघाल ने इस साल दूसरा खिताब हासिल किया जब उन्होंने एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक हासिल किया। अमित ने 52 किग्रा वर्ग में पहला स्थान हासिल किया तो पूजा रानी ने महिलाओं के 81 किग्रा वर्ण में स्वर्ण पदक झटका। भारत ने इसी के साथ इस चैंपियनशिप में 2 स्वर्ण पदक समेत 13 पदक हासिल किए। उसने 4 रजत और 7 कांस्य पदक भी अपनी झोली में डाले। पंघाल ने इसी के साथ विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप का टिकट हासिल कर लिया।
पिछले साल एशियाड में स्वर्ण पदक जीतने वाले पंघाल ने फाइनल में कोरिया के किम इनक्यू को हराया। 49 किग्रा से 52 किग्रा वर्ग में शिफ्ट होने के बाद पहला टूर्नामेंट खेल रहे पंघाल का इस साल यह दूसरा स्वर्ण पदक है। पंघाल ने सेमीफाइनल में चीन के जियांगुआन हू को हराया था। इस टूर्नामेंट से पहले उन्होंने फरवरी में स्ट्रेंजा मैमोरियल टूर्नामेंट में स्वर्ण जीता था।
पूजा ने हासिल किया पहला स्थान : पूजा ने चीन की वांग लियान को हराकर स्वर्ण पदक जीता। पूजा ने वांग को विभाजित फैसले से हराया। यह उनका इस टूर्नामेंट में कुल तीसरा पदक है। इससे पहले पूजा ने 2012 में रजत और 2015 में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
फाइनल में हारे तीन भारतीय मुक्केबाज : 49 किग्रा वर्ग में भारत के दीपक सिंह को फाइनल में उज्बेकिस्तान के नोडिजरेन मिर्जामदेव के हाथों हार के साथ रजत पदक पर संतोष करना पड़ा। कविंदर सिंह बिष्ट को भी 56 किग्रा वर्ग के फाइनल में एशियन गेम्स के मौजूदा चैंपियन उज्बेकिस्तान के मिराजिज्बेक मिजार्खालिलोव के खिलाफ हार झेलनी पड़ी। आशीष कुमार 75 किग्रा वर्ग के फाइनल में हारे।
महिला वर्ग में सिमरनजीत सिंह बाथ को 64 किग्रा वर्ग में रजत पदक से संतोष करना पड़ा। चीन की डोउ डान ने सिमरनजीत को हराकर स्वर्ण पदक जीता। सिमरनजीत को इसी मुक्केबाज ने पिछले साल हुए विश्व चैंपियनशिप में भी हराया था। एल सरिता देवी (60 किग्रा), मनीषा (54 किग्रा), पूर्व जूनियर विश्व चैंपियन निखत जरीन (51 किग्रा) और सोनिया चहल (57 किग्रा) कांस्य पदक हासिल करने में सफल रहीं।