
नईदुनिया प्रतिनिधि, इंदौर। एशियाई खेलों में शुक्रवार को पूरे देश की निगाहें इंदौर के खिलाड़ियों पर टिकी होंगी। इंदौर के प्रद्युमन सिंह राठौड़ कयाक क्रास स्पर्धा में अपनी चुनौती पेश करेंगे। यह स्पर्धा सुबह 7.30 बजे से प्रारंभ होगी।
इनके अलावा महेश्वर के हितेश केवट भी भारतीय चुनौती पेश करेंगे। इसी स्पर्धा के महिला वर्ग में इंदौर की शिखा चौहान भी पदक की होड़ में उतरेंगी। शिखा गुरुवार को महिलाओं की कयाक एकल स्पर्धा में भी फाइनल तक पहुंची थी, लेकिन सातवें स्थान पर रहीं।
इधर एशियाई खेलों में तीन पदक जीतने वाली मध्य प्रदेश की निशानेबाज नीरू ढांडा समापन समारोह में भारतीय ध्वजवाहक होंगी। नीरू ने निशानेबाजी स्पर्धा में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता है। वे मध्य प्रदेश निशानेबाजी अकादमी में प्रशिक्षण प्राप्त करती हैं।

जापान के आईची नागोया में चल रहे 20वें एशियाई खेलों में गुरुवार को भारत ने सेलिंग और ग्रीको रोमन कुश्ती में रजत पदक जीते तो पुरुष क्रिकेट व हॉकी टीमों ने स्वर्ण पदक मुकाबले में जगह बनाई। वहीं कंपाउंड व्यक्तिगत तीरंदाजी में गणेश मणिरत्मन ने कांस्य पदक जीता। गुरुवार तक भारत के खाते में 64 पदक हो गए हैं, जिनमें 10 स्वर्ण, 22 रजत और 32 कांस्य शामिल है।
केरल के चचेरे भाई प्रिंस कुरिसिंकल नोबल और मनु फ्रांसिस ने सेलिंग की स्किफ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत को इन खेलों का पहला पदक दिलाया। दोनों ने भोपाल स्थित मप्र सेलिंग अकादमी में रहकर ही इस खेल के गुर सीखे थे। दोनों ने नौ रेस में एक में जीत व तीन में दूसरा स्थान हासिल किया।
महिला स्किफ में हर्षिता तोमर और शीतल वर्मा ने कांस्य हासिल किया। संयोग से हर्षिता और शीतल भी मप्र अकादमी की ही खिलाड़ी रही हैं। ग्रीको-रोमन कुश्ती के 97 किग्रा वर्ग में नितेश सिवाच ने रजत जीता। वह 1962 के बाद फाइनल में जगह बनाने वाले पहले ग्रीको रोमन पहलवान बने।
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