
नई दिल्ली। भाजपा नेता नितिन गडकरी द्वारा आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के मुकदमे के सिलसिले में शुक्रवार को दोनों नेता पटियाला कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने दोनों के बीच सुलह की कोशिश की लेकिन केजरीवाल नहीं माने। बाद में दोपहर एक बजे उन पर आरोप तय कर दिए गए।
जानकारी के मुताबिक केजरीवाल पर धारा 499 और 500 के तहत आपराधिक मानहानि के आरोप तय किए गए हैं। अब केस चलेगा। आरोप साबित होते हैं तो दो साल की कैद का प्रावधान है। अगली सुनवाई दो जुलाई को होगी।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट गोमती मनोचा ने पेशी के दौरान केजरीवाल और गडकरी से कहा कि आप दोनों बड़े राजनीतिज्ञ हैं। लोगों को आपसे काफी अपेक्षाएं हैं, फिर मुकदमे के चक्कर में क्यों फंस रहे हैं? समझौता क्यों नहीं कर लेते?
इस पर गडकरी ने कहा कि यदि केजरीवाल आरोप वापस लेकर माफी मांग ले तो वह केस अभी वापस लेने को तैयार है। लेकिन केजरीवाल ने कहा कि मेरे पास इनके खिलाफ भ्रष्टाचार के पर्याप्त सबूत हैं फिर आरोप मैं आरोप वापस क्यों लूं?
कोर्ट ने कहा कि आप दोनों क्यों इसे इगो पर ले रहे हैं? इस पर गडकरी ने कहा कि उनके सामाजिक जीवन में आज तक कोई दाग नहीं लगा और मेरी इज्जत ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है। केजरीवाल माफी नहीं मांगें और केवल वह आरोप वापस ले तो मैं केस वापस ले लूंगा, लेकिन केजरीवाल नहीं माने।
आखिर में कोर्ट ने केजरीवाल पर आज दोपहर एक बजे आरोप तय करने का समय नीयत किया। इसके बाद मामले की सुनवाई शुरू होगी और आप संयोजक को गडकरी के खिलाफ सबूत पेश करना होगा। अगर वह इसमें कामयाब नहीं हुए तो उन्हें सजा भी हो सकती है।
...तब बेल न लेने पर अड़े थे
गौरतलब है कि इसी मामले में निजी मुचलका भरने से इन्कार करने पर कोर्ट ने केजरीवाल को तिहाड़ जेल भेज दिया था। इसके बाद वह हाई कोर्ट गए और वहां भी उन्हें राहत नहीं मिली। तब आखिर में केजरीवाल बॉन्ड भरकर जेल से रिहा हुए।
मालूम हो कि कुछ माह पूर्व अरविंद केजरीवाल ने नितिन गडकरी के साथ-साथ कई लोगों को सार्वजनिक रूप से भ्रष्ट कहा था। इसी को लेकर गडकरी ने मानहानि का मामला दर्ज कराया था। इससे पहले गडकरी ऐसे ही मामले में कांग्रेस नेता मनीष तिवारी द्वारा माफी मांगने के बाद केस वापस ले चुके हैं।