
नई दिल्ली। दिल्ली में एक ओर डेंगू-चिकनगुनिया बेकाबू होता जा रहा है। वहीं, दिल्ली में केजरीवाल सरकार और एलजी नजीब जंग के बीच फिर तलवारें खिंच गई हैं। इस बार मुद्दा बना है नजीब जंग द्वारा फिनलैंड के दौर पर गए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को वापस बुलाना।
मामला तब और गर्मा गया जब दिल्ली सरकार के दो मंत्री शनिवार को नजीब जंग से मिलने के लिए उनके घर गए। सत्येंद्र जैन का कहना है कि उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया गया। हालांकि, इस मुद्दे पर राजभवन की ओर से जवाब आया है कि 'कपिल मिश्रा और सत्येंद्र जैन ने मिलने का समय नहीं मांगा था और न ही अपने आने की जानकारी ही दी थी।'
राजभवन की ओर से कहा गया है कि दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री के साथ मंत्री कपिल मिश्रा सुबह 11.45 बजे उपराज्यपाल के कार्यालय आए थे। इसके लिए राजभवन की ओर से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। इतना ही नहीं एलजी से मुलाकात के लिए किसी तरह की पूर्व जानकारी भी कार्यालय को नहीं मुहैया कराई गई थी।
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राजभवन का कहना है कि वह मीडिया के साथ उपराज्य कार्यालय मुलाकात के लिए आए थे। जाहिर है इसकी जानकारी पहले से ही मीडिया को थी। कहा गया है कि जब कार्यालय सभी दिन खुला रहता है तो इस दौरान किसी तरह का कोई पत्र भी नहीं दिया गया।
राजभवन कार्यालय का कहना है कि यह बेहद दुखद है कि जब दिल्ली में डेंगू-चिकनगुनिया का कहर है, लोग इन दोनों बीमारियों से बुरी तरह प्रभावित हैं। ऐसे में दिल्ली की चुनी हुई सरकार इस मुद्दे पर राजनीति कर लोगों का ध्यान आकर्षित करना चाहती है।
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कहा गया है कि राजभवन दिल्ली में उपजे हालात पर बारीकी से नजर लगाए हुए हैं। संबंधित विभाग के अधिकारियों से पूरी जानकारी ली जा रही है। गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के दो मंत्री शनिवार को नजीब जंग से मिलने के लिए उनके घर गए. लेकिन सत्येंद्र जैन का कहना है कि उन्हें मिलने के लिए समय नहीं दिया गया।