
पुणे। पांच महीने का एक लड़का दुर्लभ वेयरवोल्फ सिंड्रोम से पीड़ित है। इसके तहत घने काले बाल उसके पूरे शरीर को ढंक लेंगे। पहले से ही उसकी पीठ, हाथ और पैरों में बालों का बढ़ना शुरू हो गया है। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है।
यह बीमारी hypertrichosis Universalis के रूप में जानी जाती है और यह एक अरब में से किसी एक में होती है। पुणे मां रहने वाली 22 वर्षीय मनीषा संभाजी राउत ने बताया कि बेटे की इस हालत को देखकर उनका दिल टूट गया है।
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उसके बेटे को यह बीमारी अनुवांशिक रूप से मिली है, जो मनीषा और उसकी दो बहनों सविता (30) व सावित्री (19) को भी थी। मनीषा ने कहा कि जब भी मैं खुद को आईने में देखती थी, तो मुझे खुद से घिन आती थी। अब सोचती हूं कि मेरा बेटा इस ट्रॉमा से कैसे उबरेगा।
मनीषा ने कहा कि मैं और मेरी बहनों को हमेशा छेड़ा जाता था। अक्सर लोग हमें भूत, भालू और बंदर कहकर चिढ़ाते थे। मेरे बेटे को भी इसी दर्द से गुजरना होगा, जिसे मैंने झेला है।
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मगर, वह मेरा बच्चा है और मैं उसे बिना शर्त प्यार करूंगी, जिस तरह एक मां अपने बच्चे को करती है। इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह कैसा दिखता है। मेरी इच्छा है कि मेरा बच्चा एक सामान्य बच्चे की तरह पले-बढ़े।