
पाली। राजस्थान के पाली जिले में प्रभात नाम के एक घोड़े की खरीद की चर्चा हो रही है। मारवाड़ी नस्ल के 11 साल के घोड़े को एक करोड़ 11 लाख रुपए में खरीदा गया है। प्रभात को प्रॉपर्टी और माइनिंग के व्यवसायी पाली के नारायणसिंह आकड़ावास ने भंवर सिंह राठौड़ से खरीदा है।
स्वदेशी मारवाड़ी घोड़े को उनका चमक, लंबाई और मजबूत काठी, इशारों को समझने वाला घोड़ा माना जाता है। बताया जा रहा है कि प्रभात में वे ही समानताएं हैं, जो महाराणा प्रताप के घोड़े चेतक में थी। मेवाड़ क्षेत्र के मध्ययुगीन राजपूत राजा महाराणा प्रताप के घोड़े के शौर्य की गाथाएं आज भी कही जाती हैं।
दुनियाभर में मारवाड़ी घोड़ों पर शोध हो रहा है। महराणा प्रताप का चेतक घोड़ा भी मारवाड़ी घोड़ा था, जिसकी बहादुरी के किस्से हर तरफ गाए जाते हैं। इस नस्ल के घोड़े बेहद समझदार, चालाक और तेज होते हैं। वे जल्दी थकते भी नहीं हैं।
बन रहे हैं दो अस्तबल
खरीददार नारायण सिंह बताते हैं कि उनके पास मारवाड़ी नस्ल की दो घोड़ियां भी हैं। मगर, प्रभात उनके लिए खास है। जब से उसके बारे में सुना था, उसे खरीदने की कोशिश में लगे थे।
ब्रिटिश पैटर्न पर उसके लिए पानी का पूल बनाया जा रहा है। प्रभात की देख-रेख के लिए तीन कर्मचारी लगाए गए हैं और उसे ट्रेनिंग देने के लिए फ्रांस से हेरी नाम की एक्सपर्ट को बुलाया गया है। हेरी का कहना है कि इस तरह का घोड़ा उसने विदेशों में भी नहीं देखा, जो इतना फुर्तिला हो।
दोनों पक्षों को जानने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि भंवर ने इसे 16 लाख में खरीदा था। मगर, यह नहीं पता कि उसने नारायण को यह कितने में बेचा है। नारायण ने बताया कि उसने प्रभात को नहीं खरीदा है, बल्कि उसके चचेरे भाई ने उसे यह गिफ्ट में दिया है।