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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सोशल मीडिया में अंग्रेजी पर भारी हिंदी

भारत में सोशल मीडिया में इस वर्ष हिंदी सबसे लोकप्रिय भाषा के रूप में काबिज होकर अंग्रेजी का तख्ता पलटने को तैयार है।

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Publish Date: Tue, 21 Feb 2017 08:49:10 PM (IST)Updated Date: Tue, 21 Feb 2017 08:55:32 PM (IST)
सोशल मीडिया में अंग्रेजी पर भारी हिंदी

नई दिल्ली। भारत में सोशल मीडिया में इस वर्ष हिंदी सबसे लोकप्रिय भाषा के रूप में काबिज होकर अंग्रेजी का तख्ता पलटने को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर एक अध्ययन में सामने आई यह जानकारी भारतीयों का गौरवान्वित करने वाली है। हालांकि हिंदी का प्रयोग करने वालों की एक नकारात्मक प्रवृत्ति इस उपलब्धि को हल्का कर देती है। दरअसल, सोशल मीडिया पर हिंदी में साझा किए जा रहे राष्ट्रवादी, धार्मिक और राजनीतिक संदेश महत्वपूर्ण मुद्दों पर भारी पड़ रहे हैं।

यह अध्ययन "मोस्ट शेयर्ड 5000 न्यूज स्टोरीज इन इंडिया इन 2016" नामक विषय पर स्टोरीनोमिक्स ने कराया है। स्टोरीनोमिक्स एक प्रमुख सलाहकार फर्म है, जो पारंपरिक और डिजिटल मीडिया में व्यावसायिक जानकारी देने की विशेषज्ञ है।

अध्ययन के अनुसार, पिछले छह महीनों की बात करें तो अंग्रेजी की तुलना में सोशल मीडिया पर हिंदी संदेश बहुत अधिक साझा किए जा रहे हैं। स्टोरीनोमिक्स ने दस भाषाओं अंग्रेजी, हिंदी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल और तेलुगु के 135 अग्रणी भारतीय मीडिया द्वारा साझा किए गए 8,70,000 संदेशों का अध्ययन किया। अध्ययन में सामने आया कि 2016 में फेसबुक, ट्विटर और लिंक्डइन पर एक संदेश औसतन 2,587 बार साझा किया गया। इनमें से 5,000 संदेश ऐसे थे जिन्हें औसतन 71,494 बार साझा किया गया।


अध्ययन में हिंदी और अंग्रेजी पाठकों की पसंद के बारे में भी पता चला है। इसके अनुसार, हिंदी के पाठक राष्ट्रवादी, धार्मिक और राजनीतिक प्रवृत्ति के संदेशों को अधिक साझा करते हैं, जबकि मनोरंजन, मानव हित तथा उपभोक्ता केंद्रित मुद्दों पर अंग्रेजी के पाठकों का अधिक जोर रहता है।