
मल्टीमीडिया डेस्क। यदि आतंकवाद प्रभावित देशों की मीडिया रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो ऐसा लगेगा मानो ड्रोन (अनमैन्ड व्हीकल) को केवल बमबारी और युद्ध के उद्देश्य से ही बनाया गया है। लेकिन इसका एक पहलु और है और वो यह है कि ड्रोन का इस्तेमाल सर्विलांस के लिए भी किया जाता है।
हालांकि सर्विलांस इसका ऐसा पहलु है, जिस पर कम ही बातें होती हैं। अब एक हेलिकॉप्टर ड्रोन बनाया गया है, जिसे खोज और राहत कार्य जैसे मिशन में इस्तेमाल किया जाएगा।
के-मैक्स नाम का यह ड्रोन हेलिकॉप्टर, लॉकहीड मार्टिन, कैमन ऐरोस्पेस तथा नेया सिस्टम्स ने विकसित किया है। यह आपदा ग्रस्त क्षेत्रों में लोगों को खोजने और वहां से बचाने के काम आएगा। मार्च महीने के अंत में इसका फाइनल टेस्ट किया गया है।
के-मैक्स 100 मील प्रति घंट की गति से अपना सफर तय कर सकता है। खास बात यह है कि इस ड्रोन को दिन तथा रात दोनों ही समय उपयोग किया जा सकता है।
लॉकहीड मार्टिन के बिजनेस डवलपमेंट डायरेक्टर जे मैक्कनविले ने बताया कि के-मैक्स को इस तरह से बनाया गया है, जिससे यह घायलों को आसानी से सुरक्षित स्थानों पर ले जा सके।
लॉकहीड मार्टिन अब ऐसे ड्रोन विकसित कर रही है, जिन्हें तीन साल की अधिकतम उम्र पूरी होने के बाद भी दोबारा उपयोग में लाया जा सके। ऐसा करने के लिए उन्हें रिसाइकल करना होगा।