
मुंबई। कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद में उपभोक्ताओं को एक और झटका लगने जा रहा है। विदेशी साइट्स से ई-बुक या म्यूजिक डाउनलोड करने या विदेशी सर्विस प्रोवाइडर से क्लाउड स्टोरेज खरीदने पर आपको टैक्स देना पड़ सकता है।
1 दिसंबर के बाद से ऐसी कोई खरीद करने पर आपको 15 फीसद सेवा कर देना होगा। घरेलू आपूर्तिकर्ताओं ने बताया कि भारत में ग्राहकों द्वारा डाउनलोड की जाने वाली फिल्में पहले से ही इस दायरे में आती हैं।
मगर, आपूर्तिकर्ता विदेशी है, तो एक व्यक्ति, सरकार, स्थानीय निकाय या सरकार भारत में स्थित एजेंसी में यह टैक्स लागू नहीं होता है। 1 दिसंबर से सेवा के प्रावधान की में सेवा प्राप्तकर्ता की जगह को शामिल किया गया है।
ऐसे में भारत में सभी डाउनलोड सेवा कर के अधीन आएंगे। सेवा कर में ये संशोधन विदेशी कंपनियों के विज्ञापन, वेब सदस्यता, क्लाउड होस्टिंग, संगीत, ई-पुस्तकों और गेमिंग जैसे विभिन्न सेवाएं प्रदान करने वाली विदेशी कंपनियों पर लागू होगा।
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